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स्कूलों-किताब विक्रेताओं की मोनोपोली पर लगाम: जबलपुर के बाद इस जिले के कलेक्टर ने किए आदेश- 3 साल तक नहीं बदलेगी यूनिफॉर्म, बैग का वजन तय

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BP Shrivastava
khandwa Schools Books Uniform Rules

khandwa Schools Books Uniform Rules: मध्यप्रदेश के खंडवा में  अब किसी भी निजी स्कूल में छात्रों को किताबें, यूनिफॉर्म, जूते, टाई या स्टेशनरी सामग्री किसी एक ही दुकान से खरीदने के लिए फोर्स नहीं किया जा सकेगा। 
जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता  ने स्कूलों, प्रकाशकों और विक्रेताओं की मोनोपोली पर रोक लगाने के उद्देश्य से संबंधित अफसरों को आदेश जारी किए हैं। इस आदेश का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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यहां बता दें, पिछले सत्र में तत्कालीन कलेक्टर दीपक सक्सेना (वर्तमान: कमिश्नर-जनसंपर्क विभाग, मप्र) ने भी प्राइवेट स्कूल संचालकों और किताब विक्रेताओं की मनमानी पर रोक लगाई थी और इनके लिए नई गाइडलाइन बनाई थी।

निजी स्कूल संचालकों- प्राचार्यों को निर्देश

कलेक्टर आदेश के अनुसार सभी निजी स्कूल संचालकों और प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी प्रत्येक कक्षा की अनिवार्य पुस्तकों की सूची और यूनिफार्म की जानकारी 10 फरवरी 2026 से पहले स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड करें और स्कूल नोटिस बोर्ड में सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करें। स्कूल मान्यता नियमों के तहत स्कूल की स्वयं की वेबसाइट होना अनिवार्य किया गया है।

पैरेंट्स को पुस्तकों की सूची देना अनिवार्य

कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि स्कूल प्रबंधन को प्रवेश के समय और परीक्षा परिणाम के समय पैरेंट्स को पुस्तकों की लिस्ट देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सत्र शुरू होने से एक महीने पहले पुस्तक और यूनिफार्म के कम से कम तीन विक्रेताओं के नाम स्कूल वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।

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किताबों का पूरा सेट खरीदने की बाध्यता नहीं

आदेश में साफ लिखा है कि कोई भी किताब विक्रेता किसी भी क्लास का पूरा सेट खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। यदि किसी स्टूडेंट के पास पुरानी किताबें उपलब्ध हैं, तो उसे केवल आवश्यक पुस्तकों की ही बिक्री की जाएगी।

3 साल तक नहीं बदलेगी यूनिफॉर्म 

स्कूल प्रशासन के लिए निर्देश दिए गए हैं कि यूनिफार्म का निर्धारण इस तरह किया जाए कि कम से कम तीन वर्ष तक उसमें कोई परिवर्तन न हो। किसी भी पुस्तक, कॉपी या कवर पर स्कूल का नाम प्रिंट नहीं किया जाएगा।

NCERT-SCERT की बुक्स अनिवार्य

सभी विद्यालयों को अपने कोर्सेस में केवल एनसीईआरटी या एससीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों को शामिल करना होगा। सिर्फ विशेष स्थिति में पीटीए की सहमति से अधिकतम दो निजी प्रकाशकों की प्रसिद्ध और आसानी से उपलब्ध किताबें शामिल की जा सकेंगी।

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कक्षा अनुसार बस्ते के वजन की सीमा 

  • कक्षा 1 और 2 : 1.6 से 2.2 किग्रा

  • कक्षा 3, 4 और 5 : 1.7 से 2.5 किग्रा

  • कक्षा 6 और 7 : 2.0 से 3.0 किग्रा

  • कक्षा 8 : 2.5 से 4.0 किग्रा

  • कक्षा 9 और 10 : 2.5 से 4.5 किग्रा

  • कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए बस्ते का वजन शाला प्रबंधन समिति द्वारा विषयों के आधार पर तय किया जाएगा।

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आदेश का उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति, 
संस्था या आयोजक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अवहेलना होने पर स्कूल के प्राचार्य, संचालक, प्रबंधक और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सभी सदस्य दोषी माने जाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावशील रहेगा।

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