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CM की चेतावनी-मंत्री के चैलेंज पर PCC चीफ का पलटवार: कहा- 25 साल में शुद्ध जल नहीं दे पाए, सवाल पूछने वालों को गालियां देते हो, जनता जवाब देगी

CM Mohan Yadav Kailash Vijayvargiya vs Jitu Patwari: इंदौर में जहरीले पानी से हुई 23 मौतों के मामले में मचे बवाल के बाद कांग्रेस को मुख्यमंत्री मोहन यादव की चेतावनी और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के चैलेंज पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पलटवार किया।

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sanjay warude
CM Mohan Yadav Kailash Vijayvargiya vs Jitu Patwari

CM Mohan Yadav Kailash Vijayvargiya vs Jitu Patwari: इंदौर में जहरीले पानी से हुई 23 मौतों के मामले में मचे बवाल के बाद कांग्रेस को मुख्यमंत्री मोहन यादव की चेतावनी और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के चैलेंज पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पलटवार किया।

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पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने एएनआई न्यूज चैनल को दिए बयान में कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की 23 हत्याओं को छोटी घटना बताई है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा हैं कि जो सवाल पूछ रहे हैं, उन बेशर्मों को शर्म आना चाहिए। सवाल तो पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, सुमित्रा महाजन ने भी पूछा, इंदौर और मप्र की लाखों जनता ने पूछा हैं कि, जो सरकार 25 साल में एक गिलास शुद्ध जल नहीं दे सकी, जिसके कारण 23 मौत हो गईं। वो लोग बेशर्म है या, सवाल पूछने वाले बेशर्म हैं।

मोहन यादव प्रभारी मंत्री का दायित्व नहीं निभा पाए

इंदौर में कल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी धमकी भरे लहजे में कहा हैं कि बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। ये इतने बड़े पद के व्यक्ति को शोभा नहीं देता है। पद की अपनी एक ​गरिमा है मंत्री जी। आपका (मोहन यादव) दायित्व प्रभारी मंत्री का आपने नहीं निभाया। उस 10 महीने के बेटे की मां की वेदना की कल्पना आपके मन में नहीं आईं। तब आप ये कह रहे हैं कि ये अहिल्याबाई की नगरी है, न्याय की नगरी है।

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मां अहिल्या की सीख हैं हर परिस्थिति में न्याय मांगना चाहिए

जीतू पटवारी ने कहा कि हमारा दायित्व हैं चुनाव, राजनीति, सरकार, पद अपनी जगह हो सकते है, पर इंदौर के परिवारजनों की अपनी मां अहिल्या की सीख होती हैं, किसी भी परिस्थिति में कितने भी बड़े अहंकारी हो जाए लोग, उनसे न्याय मांगना चाहिए। मैं इंदौर शहर की जनता से विनम्रता से आग्रह करता हूं कि उनको आपने जितने वोट दिए, उसका प्रतिसाद है इस तरह की भाषा। पहले पत्रकार को गाली दे रहे थे, अब सवाल पूछने वालों को गाली दे रहे हैं। ये आशा इंदौर की जनता इन जनप्रतिनिधियों ने नहीं करती। 

मानकों से शुद्ध जल मिल रहा, फिर ऑडिट क्यों ?

न्याय करों, सकारात्मक सोचो, पूरे मप्र में एक भी नगर निगम, नगर पालिक, ग्राम पंचायत ऐसी, जहां मानकों के हिसाब से शुद्ध जल जनता को मिलता है, मुख्यमंत्री ने कहा, आपने खुद ने कहा हैं कि वॉटर ऑडिट कराएंगे, तो फिर क्या शुद्ध जल है तो ऑडिट का सवाल क्यों आया ? मप्र में पानी शुद्ध नहीं दे पा रहे हो, कांग्रेस को गालियां देते हो, जनता जो सवाल पूछती हैं, उनको गालियां देते हैं, वक्त आएगा जनता जवाब देगी।

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CM Mohan Yadav Kailash Vijayvargiya vs Jitu Patwari Indore Polluted Water Controversy
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