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Indore Contaminated Water Deaths update: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से हुई मौतों का आंकड़ा बढ़कर 15 हो गया है। गुरुवार, 1 जनवरी को एक और महिला की मौत की पुष्टि हुई, जिनकी पहचान गीताबाई (68 वर्ष) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। वर्तमान में 16 बच्चों सहित कुल 201 लोग इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में जिदंगी और मौत से जूझ रहे हैं।
जांच में दूषित पानी से मौत की पुष्टि
महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में साफ तौर पर पुष्टि हुई है कि सभी 15 लोगों की मौत दूषित पानी पीने की वजह से हुई है।
जांच रिपोर्ट पर कलेक्टर क्या बोले ?
CMHO डॉ. माधव हसानी ने बताया कि सैंपल जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया है कि दूषित पानी के पीने से ही लोग बीमार हुए और जान गई। हालांकि, कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा, अभी डिटेल्ड रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में पानी का कल्चर टेस्ट भी किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
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'पाइप लाइन में सीवेज मिलने से हालात बिगड़े'
इस बीच नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पेयजल लाइन में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े हैं। उन्होंने कहा, पुलिस चौकी के पास मौजूद लीकेज वाली जगह को इस पूरे मामले का प्रमुख कारण माना जा रहा है। प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाके में पानी की आपूर्ति रोककर वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
NHRC ने CS से 2 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
उधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले में खुद संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्यप्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
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देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से करीब 15 लोगों की जान चली गई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर नौ की पुष्टि की गई है। इस गंभीर मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की सीनियर नेता उमा भारती ने मोहन यादव सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। कहा है कि "साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवॉर्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है।"
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हाईकोर्ट में भी सुनवाई !
इंदौर दूषित पाने के पानी मामले में आज यानी शुक्रवार, 2 जनवरी को हाईकोर्ट में भी सुनवाई हो सकती है। बताते हैं, जबलपुर हाईकोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ऑनलाइन सुनवाई करेगी। कोर्ट ने सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। हाईकोर्ट में शासन द्वारा पेश जवाब में अब तक केवल चार मौतें ही बताई गई हैं।
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