IAS Santosh Verma Controversy: संतोष वर्मा के खिलाफ BJP-कांग्रेस एकजुट, विधायकों ने CM से की मुलाकात, 7 दिन में कार्रवाई का आश्वासन

मध्यप्रदेश अजाक्स के अध्यक्ष और IAS संतोष वर्मा के दिए गए विवादित बयान को लेकर बीजेपी और कांग्रेस, दोनों दलों के विधायक सीएम डॉ. मोहन यादव से  मिले। उन्हें सीएम ने 7 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया।

IAS Santosh Verma Controversy

 IAS Santosh Verma Controversy: मध्यप्रदेश अजाक्स के अध्यक्ष और IAS संतोष वर्मा के दिए गए विवादित बयान को लेकर प्रदेशभर में ब्राह्मण समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार, 2 दिसंबर को बीजेपी और कांग्रेस, दोनों दलों के विधायकों और  जनप्रतिनिधियों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल सीएम डॉ. मोहन यादव से मिला और संतोष वर्मा के खिलाफ तत्काल निलंबन और एफआईआर कर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सीएम ने आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ 7 दिनों के अंदर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

बयान से नैतिक मर्यादाओं का उल्लंघन हुआ

सीएम से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने कहा, आईएएस पद पर आसीन अधिकारी द्वारा इस प्रकार के संवेदनहीन और समाज को विभाजित करने वाले बयान देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि प्रशासनिक नैतिक मर्यादाओं का भी उल्लंघन हुआ है।

Congress MLA
आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने सीएम डॉ. मोहन यादव से मिला कांग्रेस विधायकों का प्रतिनिधि मंडल।

कटारे के नेतृत्व में मिला कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल

कांग्रेस की ओर से प्रतिनिधि मंडल में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के नेतृत्व में मिला। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, अशोक पाण्डे, पुष्पेंद्र मिश्रा, कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी, कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कांग्रेस विधायकों ने मांग की कि राज्य सरकार तत्काल प्रभाव से संतोष वर्मा को निलंबित कर स्पष्ट संदेश दे कि समाज को बांटने वाली भाषा और गैर जिम्मेदाराना आचरण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

बीजेपी विधायकों ने भी की निलंबन की मांग

इस मुद्दे पर बीजेपी विधायकों ने भी आपत्ति दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग की है। बीजेपी के प्रतिनिधि मंडल में विधायक रीति पाठक, सीतासरण शर्मा,  रमेश मेंदोला, अभिलाष पाण्डेय शामिल रहे। बीजेपी विधायकों ने कहा कि किसी भी वर्ग, समाज या समुदाय का अपमान करने वाले अधिकारी पर सख्त विभागीय कार्रवाई होना आवश्यक है।

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समाज में गहरा आक्रोश, मामला संवेदनशील

प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि संतोष वर्मा के बयान के कारण प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं। ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने भी सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्दी कुछ नहीं किया गया, तो यह मुद्दा और भी गंभीर हो सकता है।

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