कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का विवादित बयान: कहा- SC-ST के MP-MLA कुत्तों की तरह, जिनके मुंह पर पट्टी, कोशिश हो आदिवासी हिंदू न बन पाए

MP Congress MLA Phool Singh Baraiya: मध्यप्रदेश की भाडेर सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का एक विवादित बयान सामने आया है। जिसमें विधायक बरैया अपनी ही कैटगरी के जनप्रतिनिधियों की तुलना मुंह बंद कुत्ते से करते नजर आए।

MP Congress MLA Phool Singh Baraiya

MP Congress MLA Phool Singh Baraiya: मध्यप्रदेश की भाडेर सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का एक विवादित बयान सामने आया है। जिसमें विधायक बरैया अपनी ही कैटगरी के जनप्रतिनिधियों की तुलना मुंह बंद कुत्ते से करते नजर आए।

भोपाल के समन्वय भवन में 13 जनवरी 2026 को आयोजित कांग्रेस की डिक्लेरेशन-2 ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक हुई। जिसमें विधायक फूल सिंह बरैया ने जॉइंट इलेक्टोरल प्रोसेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस व्यवस्था से चुनकर आने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति वर्ग के विधायक और सांसद उन कुत्तों की तरह हैं, जिनके मुंह पर पट्टी बंधी है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने पहले ही आशंका जताई थी कि ऐसे प्रतिनिधि काटने की बात तो दूर, भौंक भी नहीं पाएंगे। आगे उन्होंने यह भी कहा कि हमें कोशिश करनी चाहिए कि आदिवासी हिंदू न बन पाए। बैठक में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद उदित राज, झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू, आदिवासी कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, विधायक ओंकार सिंह मरकाम, हीरालाल अलावा जैसे प्रमुख नेता मौजूद रहे।

जॉइंट कलेक्टोरल से चुनने से अपनी बात रखे में सक्षम

विधायक फूल सिंह बरैया ने दावा किया है कि बाबा साहब अंबेडकर सेपरेट इलेक्टोरल न मिल पाने के कारण जीवन भर प्रायश्चित करते रहे।  उनका तर्क है कि आज के दलित-आदिवासी सांसद और विधायक इसलिए खामोश हैं, क्योंकि वे जॉइंट इलेक्टोरल से चुनकर आए हें। ऐसे में वे अपनी बात रखने में अक्षम हैं।

Congress Declaration-2 Drafting Committee Meeting
भोपाल के समन्वय भवन में आयोजित कांग्रेस की डिक्लेरेशन—2 ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक हुई।

जाति-धर्म हावी, वास्तविक समस्या का समाधान असंभव

विधायक बरैया ने संविधान सभा के 25 नवंबर 1949 के भाषण का हवाला देते हुए कहा कि बाबा साहब की चिंता थी कि देश ऊपर रहेगा या जाति धर्म? उन्होंने वर्तमान स्थिति पर प्रहार करते हुए कहा कि आज देश के ऊपर जाति और धर्म हावी हो चुके हैं, जिससे वास्तविक समस्याओं का समाधान असंभव हो गया है।

धर्म के नाम समाज को 6743 जातियों में बांटा गया

बरैया ने कहा कि धर्म के नाम पर समाज को 6743 जातियों में बांटा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें दलितों को शिक्षा से वंचित रखने और अमानवीय सजाएं जैसे कान में सीसा भरना, जीभी काटना का प्रावधान था, जो आज भी सामाजिक गैर-बराबरी का कारण है।

Congress Declaration-2 Drafting Committee Meeting (1)
भोपाल के समन्वय भवन में आयोजित कांग्रेस की डिक्लेरेशन-2 ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक में प्रमुख नेता मौजूद रहे।

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आदिवासी हो रहे अत्याचारों को समझ ही नहीं पा रहे

आदिवासियों के मुद्दे पर उन्होने कहा कि हमें कोशिश करनी चाहिए कि आदिवासी हिंदू न बन पाए। आदिवासी अपने उपर हो रहे अत्याचारों को समझ ही नहीं पा रहे हैं। उन्होंने झारखंड के सरना धर्म का समर्थन करते हुए कहा कि यदि आदिवासी इस मार्ग पर चलते हैं, तभी उनकी मुक्ति संभव है।

धर्म नीचे और देश ऊपर नहीं होगा, बराबरी नहीं आएगी

विधायक बरैया के अनुसार, जब तक धर्म नीचे और देश ऊपर नहीं होगा, तब तक सामाजिक बराबरी नहीं आएगी। उन्होंने बाबा साहब की मुक्ति मार्ग का हवाला देते हुए कि यदि धर्म शोषण का जरिया बन जाए, तो उस धर्म का त्याग कर देना ही श्रेष्ठ है।

कांग्रेस बोलती है, कुछ करती नहीं-सीएम

फूल सिंह बरैया के बयान पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सिर्फ बोलती है, कुछ करती नहीं है। उनके दल की वो जाने। हमारे दल में जरूर हर वर्ग को स्थान दिया जाता है। द्रोपति मुर्मू जी को राष्ट्रपति बनाया है।

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