
MP Agriculture Welfare Year 2026 Inaugurated: जंबूरी मैदान से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1101 ट्रैक्टरों को हरी झंडी दिखाकर मध्यप्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी ट्रैक्टर चलाकर रैली में शामिल हुए।
16 विभाग किसानों की जिंदगी बेहतर बनाएंगे
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- आज से 2026 साल किसान भाईयों के लिए समर्पित किया है। पहले सिर्फ एग्रीकल्चर, मतलब एक मंत्रालय, अब एक के बजाय, हमनें 16 मंत्रालयों को निकाला है। 16 विभाग मिलकर सभी क्षेत्रों का किसान की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे।
कृषि विकास की दर 16 प्रतिशत दर से बढ़ रही
कृषि विकास दर 16 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है तो राज्य को समृद्ध बनाने, किसानों को आय बढ़ाने, लागत घटाने, सभी सुख के दरवाजे खोलने की जरुरत है। ये अभी झांकी है, बहुत कुछ बाकी है। आज शुरुआत हुई है। आज संकल्प की पूर्ति का पहला दिन है।
साल के आखिरी तक किसानों की सेवा करेंगे
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आज से सालभर अलग-अलग विभागों और योजनाओं के जरिए प्रदेशभर में मालवा, चंबल, महाकौशल, विंध्य, बुंदेलखंड, निमाड़ के किसानों के लिए जितना बनेगा, उतना आगे बढ़कर काम करेंगे। साल के आखिरी तक किसानों की सेवा कर सकेंगे।
सीएम का ऐलान, जानें क्या की घोषणाएं ?
नरसिंहपुर में गन्ना महोत्सव: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- गन्ने की खेती को वैश्विक पहचान दिलाने और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए गन्ना महोत्सव मनाएंगे। गुड़, शकर उत्पादन बढ़ाएंगे।
भावांतर योजना का विस्तार: सीएम मोहन यादव ने कहा- सरसों की खेती करने वाले किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए सरसों पर भी भावांतर भुगतान योजना लागू की जाएगी। पीएम नरेंद्र मोदी से पत्राचार करेंगे।
दलहन और तिलहन पर फोकस: सीएम मोहन यादव ने कहा- उड़द और मूंगफली जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार विशेष प्रोत्साहन योजनाएं तैयार कर रही है।
1500 खाली पदों पर भर्ती: कामकाज की गति को बढ़ाने के उद्देशय से कृषि सहित संबंधित विभागों में 1500 खाली पदों पर भर्ती करेंगे। धान-गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपए का वादा पांच साल में पूरा किया जाएगा।
जनवरी-2026
नर्मदापुरम में कृषि आधारित कौशल विकास और कस्टम हायरिंग केन्द्रों का राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन।
मंदसौर में सोयाबीन भावांतर भुगतान समापन तथा सोयाबीन के साथ मूंगफली और सरसों को योजना में शामिल करने के लिए भावांतर योजना विस्तार कार्यक्रम।
भोपाल में गुलाब महोत्सव का आयोजन-पुष्प उत्पादक, निर्यातक और विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे।
फरवरी-2026
डिण्डौरी/उमरिया/मण्डला में कोदो-कुटकी बोनस वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत मिलेट मेला, रोड शो, फूड फेस्टिवल, बायर-सेलर मीट और सेमिनार व कार्यशालाओं का आयोजन।
निमाड़-मालवा क्षेत्र में राज्य स्तरीय एग्रीस्टेक एवं डिजिटल कृषि प्रदर्शनी का आयोजन।
उज्जैन में गुलाब महोत्सव।
भोपाल में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग समागम।
ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, पशुधन और अन्य कृषि संबंधी क्षेत्रों में नवीन संभावनाओं पर कृषि मंथन और कृषि मेले का आयोजन।
उज्जैन में राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन।
मार्च-2026
प्राकृतिक खेती पर भोपाल में राष्ट्रीय संगोष्ठी, राज्य स्तरीय ट्रेड फेयर तथा बायर-सेलर मीट। संभाग स्तर पर भी प्राकृतिक खेती पर प्रदर्शनियां और सेमिनार होंगे।
ग्वालियर में दुग्ध उत्पादकों का सम्मेलन। प्रत्येक दुग्ध संघ स्तर पर भी दुग्ध उत्पादकों का सम्मेलन होगा।
इंदौर में पशुपालन पर कार्यक्रम।
अप्रैल-2026
जबलपुर में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग समागम।
मई-2026
सिवनी में धान महोत्सव तथा राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन।
इंदौर/जबलपुर में कुक्कुट पालकों व उद्यमियों का सम्मेलन।
इंदौर में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग समागम।
जून-2026
भोपाल में राज्य स्तरीय आम महोत्सव।
उज्जैन में राज्य स्तरीय कृषि उपज निर्यात प्रोत्साहन कार्यशाला।
सागर में राज्य स्तरीय सोया महोत्सव तथा किसान सम्मेलन। इंदौर, उज्जैन और विदिशा में भी संभागीय आयोजन होंगे।
उन्नत पशुपालन के लिए पशुपालकों/शासकीय प्रतिनिधियों का ब्राजील भ्रमण प्रस्तावित।
अलीराजपुर में जिला स्तरीय आम महोत्सव।
जबलपुर में राज्य स्तरीय सिंघाड़ा और मखाना महोत्सव।
जुलाई-2026
खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, खंण्डवा पांढुर्ना तथा मालवांचल के जिलों में कपास और मिर्च महोत्सव तथा किसान सम्मेलन।
नर्मदापुरम में कृषि आधारित कौशल विकास एवं कस्टम हायरिंग राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन।
मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर में अन्तर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि पर कार्यक्रम।
बैतूल में जिला स्तरीय आम महोत्सव।
नर्मदापुरम में सिंघाड़ा और मखाना महोत्सव।
अगस्त-2026
इंदौर में राज्य स्तरीय एफपीओ सम्मेलन। इसमें नवीन तकनीकों के ज्ञान, अवलोकन, विचार-विमर्श तथा प्रदर्शनी और विशेषज्ञों के विचारों को साझा करना शामिल होगा।
भोपाल में राज्य स्तरीय केन्द्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का लोकार्पण। इसका उद्देश्य मिलावटी दुग्ध व दुग्ध उत्पादों पर अंकुश लगाना, उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराना है।
राज्य के समस्त दुग्ध संघों के अंतर्गत "सांची है तो शुद्ध है" अभियान।
भोपाल में 16 करोड़ रूपए लागत की दुग्ध उत्पादन निर्माण डेयरी का लोकार्पण।
सितम्बर-2026
छिंदवाड़ा में कृषि अवसंरचना निधि योजना में लाभान्वित हितग्राहियों की राज्य स्तरीय कार्यशाला।
सागर और रतलाम में एफपीओ सम्मेलन तथा स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप और क्रेडिट लिंकेज सेमिनार।
उज्जैन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मैदानी कार्यकर्ताओं और पशुपालकों का सम्मान।
बालाघाट में सिंघाड़ा एवं मखाना महोत्सव।
अक्टूबर-2026
भोपाल में पराली (फसल अवशेष) प्रबंधन पर कार्यशाला। जिला स्तर पर भी होंगे सम्मेलन।
छिंदवाड़ा में एफपीओ सम्मेलन- मंडी बोर्ड तथा निजी संस्थाओं के साथ बायर-सेलर मीट।
इंदौर में जलीय कृषि विपणन संगोष्ठी।
नर्मदापुरम में कृषि आधारित कौशल विकास और कस्टम हायरिंग पर राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन।
इंदौर में राज्य स्तरीय सब्जी महोत्सव। जिला स्तर पर भी होंगे कार्यक्रम।
जबलपुर में राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन। डिजीटल सेवाओं के विस्तार पर केन्द्रित होगा सम्मेलन।
नवम्बर-2026
नरसिंहपुर में राज्य स्तरीय गन्ना महोत्सव।
राजगढ़ में जिला स्तरीय सब्जी महोत्सव।
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