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Bhopal Govt Employee Protest: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार, 15 जनवरी को विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने ई-अटेंडेंस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही कर्मचारियों का कहना है कि प्रोविजन पीरियड संबंधी कोर्ट के आदेश पर अमल किया जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाए। इसी तरह की 11 मांगों को लेकर तीन संगठनों ने मोर्चा खोला दिया है।
इनमें तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, मध्य प्रदेश शासकीय वाहन चालक यांत्रिकी कर्मचारी संघ और मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के कार्यकर्ता शामिल थे।
इन मांगों लेकर प्रदर्शन
कार्यरत एवं सेवानिवृत कर्मचारियों को केंद्र के समान केंद्रीय तिथि से महंगाई भत्ता और राहत प्रदान दी जाए।
कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए।
हाईकोर्ट जबलपुर के फैसले के आधार पर वर्ष 2019 से नवनियुक्त कर्मचारियों को 70-80-90% वेतन देने के आदेश पर तत्काल रोक लगाई, लिहाजा इन कर्मचारियों को पिछली तिथि से एरियर दिया जाए।
पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
शिक्षा विभाग एवं अनुसूचित जनजातीय विभाग में पदस्थ शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान/समयमान वेतनमान शीघ्र दिया जाए।
लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के लिपिकों की तरह ग्रेड-पे दिया जाए।
दैनिक वेतन कर्मी/स्थाई कर्मी आऊटसोर्स और संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति की जाए।
अनुकंपा नियुक्ति एवं चतुर्थ श्रेणी की पदोन्नति पर CPCT की अनिवार्यता खत्म की जाए।
सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों को पीपीओ एवं मिलने वाले सारे स्वत्वों का भुगतान सेवानिवृत्ति दिनांक पर ही मिले।
ई-अटेंडेंस पर तत्काल रोक लगाई जाए।
1997 में नियुक्त गुरुजी संवर्ग को उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की गणना करते हुए समस्त लाभ प्रदान किए जाएं।
इनके अलावा सरकारी सेवा में 3 बच्चों की बाध्यता समाप्त करने और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का नाम परिवर्तित करने की भी मांग कर रहे हैं।
16 जनवरी को करेंगे मंत्रालय का घेराव
कर्मचारी संगठनो को कहना है कि वे इन्हीं मांगों को लेकर शुक्रवार, 16 जनवरी को फिर प्रदर्शन करेंगे। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आंदोलन किया जाएगा। इसमें 7 कर्मचारी संगठनों से जुड़े कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों ने मंत्रालय का घेराव की भी बात कही है।
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