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World Cancer Day 2026: भारत में तेजी से बढ़ रहे कैंसर के मामले, शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज

World Cancer Day 2026: हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन कैंसर अवेयरनेस कैंप लगाए जाते हैं ताकि लोगों को कैंसर के प्रति जागरुक किया जा सके.

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Satya Sharma
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World Cancer Day 2026: हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन कैंसर अवेयरनेस कैंप लगाए जाते हैं ताकि लोगों को कैंसर के प्रति जागरुक किया जा सके. दुनियाभर में कैंसर के रोगी तेजी से बढ़ रहे हैं. इस साल के कैंसर अभियान का विषय है अद्वितीयता से एकजुट (United by Unique) इसका मतलब ये है कि कैंसर से जूझने वाले हर व्यक्ति का अनुभव अलग होता है, फिर भी हम सभी एक ही लक्ष्य से जुड़े हैं यानी कैंसर से प्रभावित हर व्यक्ति के लिए बेहतर देखभाल, सहायता और बेहतर परिणाम.

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कैंसर का इलाज है संभव 

डॉक्टर्स के मुताबिक, अगर इंसान तंबाकू व शराब जैसी हानिकारक चीजों का सेवन करना छोड़ दे तो काफी हद तक कैंसर से बच सकता है. दरअसल, कैंसर एक साइलेंट किलर है अगर इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाए तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. डॉक्टरों का मानना है कि कैंसर का इलाज संभव है लेकिन जब उसे स्टेज-1 या स्टेज-2 में ही पकड़ लिया जाए. इसलिए सावधानी और संकेतों को पहचानना ही सबसे बड़ा तरीका है. आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे तरह के कैंसर जो भारत के लोगों को तेजी से अपना शिकार बना रहे हैं.

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1. स्तन कैंसर

भारत की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले सबसे अधिक देखे जा रहे हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब यह बीमारी सिर्फ अधिक उम्र की महिलाओं तक सीमित नहीं है बल्कि कम उम्र की महिलाएं भी इसकी चपेट में आ रही हैं. अगर किसी के ब्रेस्ट में किसी तरह की गांठ महसूस हो रही है, निप्पल से डिस्चार्ज हो रहा है या ब्रेस्ट के साइज में अचानक से बदलाव हुआ है तो वो उसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं. यदि गांठ है लेकिन उसमें दर्द नहीं है तो भी इसे हल्के में न लें. 

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2. ओरल कैंसर

तंबाकू आदि के सेवन के कारण भारत को दुनिया में ओरल कैंसर तेजी से फैल रहा है. ये मुख्य रूप से गुटखा, खैनी और तंबाकू का अत्यधिक सेवन से होता है. मुंह का कैंसर अक्सर बहुत देर से पता चलता है क्योंकि लोग कैंसर के शुरुआती लक्षणों को तेज चूना खाना या फिर सामान्य छाले समझकर अनदेखा कर देते हैं. मुंह के अंदर घाव या छाले जो हफ्तों तक ठीक न हो, सफेद या लाल पैच, आवाज में भारीपन या निगलने में तकलीफ होना इसके शुरुआती लक्षण हैं. 

3. सर्वाइकल कैंसर

भारतीय महिलाओं में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण सर्वाइकल कैंसर ही है. हालांकि राहत की बात है कि समय पर स्क्रीनिंग और वैक्सीन के जरिए इसे रोका जा सकता है. पीरियड साइकिल के बीच में या इंटरकोर्स के बाद ब्लीडिंग होना, पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द और असामान्य डिस्चार्ज होना इसके कॉमन लक्षण हैं. 

4. फेफड़ों का कैंसर

लंग्स यानी फेफड़ों का कैंसर सिगरेट ना पीने वाले लोगों में भी तेजी से फैल रहा है. एक्सपर्ट के मुताबिक, बढ़ता प्रदूषण और पैसिव स्मोकिंग इसके बड़े कारण हैं. लंग्स कैंसर के लक्षण अक्सर तब दिखते हैं जब बीमारी गंभीर स्टेज पर पहुंच जाती है. लगातार खांसी बने  रहना, बलगम में खून आना, सांस फूलना और अचानक वजन कम होना इसके लक्षण हो सकते हैं. 

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5. कोलोरेक्टल कैंसर  

जंक फूड और कम फाइबर वाली डाइट के कारण युवाओं में कोलोरेक्टल (कोलन) कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. लोग अक्सर पेट की समस्याओं को गैस या कब्ज समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. पेट साफ न होना, मल के साथ खून आना, पेट में मरोड़ और भूख न लगना इसके लक्षण हो सकते हैं. 

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