Indian Railway law : बिना रेल टिकट के यात्रा कर रहे इन यात्रियों को ट्रेन से नीचे नहीं उतार सकता टीटीई,जानिए पूरा कानून

जब हमने इस बारे में पड़ताल की तो कई रेलवे के कर्मचारियों को इस बात कि जानकारी तक नहीं थी लेकिन मुश्किलों बाद रेलवे के एक टीटीई इस बारे में कहते हैं, जब इस तरह का कोई मामला हम लोगों

Indian Railway law : बिना रेल टिकट के यात्रा कर रहे इन यात्रियों को ट्रेन से नीचे नहीं उतार सकता टीटीई,जानिए पूरा कानून

Bhopal:भारत में कानूनों(Indian Law) और नियमों(rools and regulations) की जानकारी का आभाव हमेशा ही रहा है।क्योंकि अधिकांश कानून अंग्रेजों के जमाने के बनाए गए हैं।और उन्होंने सब कुछ अंग्रेजी में ही बनाया ताकि आम जनता लाभ न उठा सके और पढ़े-लिखे अंग्रेज ही इसका फायदा उठा सकें। आज ऐसे ही एक कानून को हम जानेंगे जो आपको हैरान कर देगा साथ ही आपकी नॉलेज को बढ़ाएगा।दरअसल कानून ये है कि अगर ट्रेन में कोई अकेली महिला बिना टिकट यात्रा (Alone Woman Without Journey) कर रही है। तो टीटीई(TTE) उसे ट्रेन से बाहर नहीं निकाल सकता। इसके साथ ही ट्रेन में अगर महिला अकेली सफर कर रही हैं तो अपनी सीट बदलवा सकती हैं।

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क्यों नहीं अकेली महिला को टीटीई उतार सकता है?
भारतीय रेल का एक नियम है जो ये कहता है कि अगर कोई महिला ट्रेन में अकेले यात्रा कर रही है और उसके पास किसी कारण से टिकट नहीं है तो टिकट चेक करने वाला टीटीई उसे ट्रेन से नहीं उतार सकता है।वह महिला से सफर का जुर्माना वसूल सकता है और उसे सफर करने दे सकता है।यहां तक कि महिला के पास पैसे नहीं हैं तो भी उसे टीटीई डिब्बे से बाहर नहीं कर सकता है।

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रेलवे का कानून क्या कहता है
रोचक बात तो ये है कि रेलवे का ये कानून यात्री को तो छोड़ दीजिए रेलवे के स्टाफ को भी पता नहीं होता है।लेकिन हम आपको बता दें रेलवे ने साल 1989 में एक कानून बनाया है, जिसके मुताबिक अकेले सफर कर रही महिला यात्री को किसी भी स्टेशन पर उतार देने से अनहोनी की आशंका हो सकती है। अकेली महिला यात्रियों की सुरक्षा के हिसाब उस समय रेलवे ने अपने नियमों में बदलाव किया था।ताकि कोई महिला की सुरक्षा में कोई आंच न आये।

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इस समय क्या करते हैं टीटीई
जब हमने इस बारे में पड़ताल की तो कई रेलवे के कर्मचारियों को इस बात कि जानकारी तक नहीं थी लेकिन मुश्किलों बाद रेलवे के एक टीटीई इस बारे में कहते हैं, जब इस तरह का कोई मामला हम लोगों के पास आता है तो हमलोग जोनल कंट्रोल रूम में इसकी जानकारी देते हैं। महिला की तब की स्थिति के बारे में कंट्रोल रूम को बताया जाता है कि किस परिस्थिति में महिला सफर कर रही है। अगर हमलोगों को मामला संदिग्ध लगता है तो इस बात की जानकारी जीआरपी को देते हैं और जीआऱपी महिला कांस्टेबल को इसकी जिम्मेदारी देती है।इसके बाद रेलवे पुलिस इस मामले को संभालती है।

उम्मीद हो जानकारी पसंद आई होगी महिलाओं की ताकत के लिए ये खबर शेयर करना न भूलें ताकि हर महिला सुरक्षित सफर कर सके..और हां निवेदन है जानबूझकर नियमों का गलत फायदा न उठाएं...हमेंशा टिकट लेकर यात्रा करें...

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