/bansal-news/media/media_files/2026/02/16/supreme-court-pre-marital-relationship-commented-sex-before-marriage-not-trusted-hindi-zxc-2026-02-16-22-39-59.png)
Supreme Court Pre Marital Relationship: सुप्रीम कोर्ट ने शादी से पहले झूठे वादे से जुड़े दुष्कर्म मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि शादी से पहले लड़का और लड़की एक-दूसरे के लिए अजनबी होते हैं। ऐसे में शादी से पहले शारीरिक संबंधों को लेकर सावधानी जरुरी है। लोगों को एक-दूसरे पर आंख मूंधकर भरोसा नहीं करना चाहिए। Supreme Court Rape Case Remark
शादी से पहले रिश्तों पर अदालत की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह ये समझने में असमर्थ है कि शादी से पहले एक लड़का और लड़की शारीरिक संबंध कैसे बना लेते हैं। न्यायमूर्ति बी.वी नागरत्ना ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे रिश्तों में भावनात्मक और सामाजिक जोखिम जुड़े होते हैं। इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि शादी से पहले दोनों एक-दूसरे को पूरी तरह नहीं जानते, इसलिए सावधानी जरूरी हैं।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, एक व्यक्ति ने महिला को शादी का भरोसा दिलाकर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जांच में सामने आया कि वह व्यक्ति पहले से ही शादीशुदा था। साथ ही उसने दूसरी शादू भी कर ली थी। जब महिला को ये बात पता चली तो उसने उस व्यक्ति के खिलाफ रेप का मामला दर्ज करवाया। बाद में व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की जिस पर अदालत ने अपनी अहम टिप्पणी दी। False Promise of Marriage Case
पीठ ने महिला से भी पूछे सवाल
न्यामूर्ति बी.वी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जवल भुइयां की पीठ ने महिला से भी सवाल किए। पीठ ने महिला से सवाल करते हुए पूछा कि वह व्यक्ति संग दुबई क्यो गई जहां दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। अदालत ने कहा कि ये सब सहमति से हुआ प्रतीत होता है। पीठ ने कहा कि वह भले ही पुराने विचारों वाले हों, लेकिन वह ये समझने में असमर्थ है कि शादी से पहले ऐसे संबंधों में कैसे प्रवेश किया जा सकता है।
ये भी पढ़े - RPF Constable Final Result 2026: आरपीएफ कांस्टेबल का फाइनल रिजल्ट जारी, इस वेबसाइट से डाउनलोड करें Merit List PDF
मैट्रिमोनियल वेबसाइट से शुरू हुई जान-पहचान
महिला का आरोप है कि दोनों की मुलाकात एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर हुई। बातचीत के दौरान आरोपी ने महिला से शादी का वादा किया, जिसके बाद दिल्ली और दुबई में शारीरिक संबंध बने। महिला ने एक और आरोप लगाया जहां उसने बताया कि व्यक्ति ने बिना अनुमति के उसका निजी वीडियो बनाया और उसे वायरल करने की धमकी दी।
पहले भी खारिज हो चुकी है जमानत
इस मामले में आरोपी की जमानत याचिका पहले सेशन कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रारंभिक जांच में ये मामला शादी के झूठे वादे का लग रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई को फिलहाल टालते हुए दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना तलाशने की बात कही है।
ये भी पढ़े - JEE Mains result 2026: जेईई मेन 2026 सेशन 1 रिजल्ट ऐसे करें चेक, एनटीए की वेबसाइट पर जारी हुआ परिणाम
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us