सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर पत्नी का बड़ा बयान: सरकार तारीखें मांग रही है क्योंकि सोनम वांगचुक के खिलाफ केस में कोई मेरिट नहीं है

Sonam Wangchuk NSA Case Update: गीतांजलि अंगमो ने कहा कि सोनम वांगचुक की NSA के तहत गिरफ्तारी में कोई दम नहीं है। दस्तावेज देर से दिए गए, FIR कमजोर हैं और यह मामला लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करता है।

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Sonam Wangchuk NSA Case Update: मशहूर Environmental activist और मैग्सेसे अवॉर्ड विजेता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ उनके पति से जुड़ा नहीं है, बल्कि देश में लोकतंत्र की स्थिति को दिखाता है। उनके मुताबिक, सरकार सत्ता का इस्तेमाल करके लोगों को गलत तरीके से हिरासत में ले रही है।

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“अगर सोनम के साथ हो सकता है, तो किसी के साथ भी हो सकता है”

मीडिया से बात करते हुए गीतांजलि अंगमो ने कहा, “यह सिर्फ सोनम वांगचुक का मामला नहीं है। यह पूरे देश के लोकतंत्र से जुड़ा सवाल है। अगर एक ईमानदार और देश के लिए काम करने वाले व्यक्ति के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम लोगों के साथ भी ऐसा किया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे लोगों का भरोसा कमजोर होता है।

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 NSA के तहत हुई गिरफ्तारी

सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। यह गिरफ्तारी लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद हुई थी।इन प्रदर्शनों के दौरान 4 लोगों की मौत हो गई 90 लोग घायल हुए इसके बाद सोनम वांगचुक को जोधपुर जेल भेज दिया गया।

“कानूनी प्रक्रिया में बड़ी चूक हुई है”

गीतांजलि अंगमो ने आरोप लगाया कि NSA के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को 5 से 10 दिनों के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज दिए जाने चाहिए। लेकिन सोनम वांगचुक को अहम वीडियो सबूत 28वें दिन दिए गए। उन्होंने कहा कि यह नेशनल सिक्योरिटी एक्ट की धारा 8 और 11 का उल्लंघन है। इसी आधार पर हिरासत आदेश को रद्द किया जाना चाहिए।

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 “केस बिल्कुल साफ है”

गीतांजलि अंगमो ने कहा कि यह मामला एक ओपन एंड शट केस है क्योंकि हिरासत के आधार पुराने हैं कुछ वीडियो 1 से 1.5 साल पुराने हैं 5 FIR में से 3 में सोनम वांगचुक का नाम नहीं है 2 FIR में से एक अगस्त 2025 की है, जिसमें कोई नोटिस नहीं दिया गया उनका कहना है कि ऐसे कमजोर आधार पर किसी को जेल में रखना गलत है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

गीतांजलि अंगमो ने अपने पति की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की है। उन्होंने बताया कि हिरासत आदेश की कॉपी लेना जेल में मिलने की अनुमति पाना और सोनम वांगचुक के हाथ से लिखे नोट्स हासिल करना सब कुछ बहुत मुश्किल रहा।

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 “इतना कम विरोध होना दुखद है”

Gitanjali Angmo statement: गीतांजलि अंगमो ने कहा कि उन्हें इस बात से निराशा है कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ देशभर में मजबूत विरोध नहीं हुआ। उन्होंने कहा,“हम चुप नहीं रह सकते। हमें मिलकर आवाज उठानी होगी, तभी बदलाव आएगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिला मजिस्ट्रेट का हिरासत आदेश पुलिस अधीक्षक के प्रस्ताव की सीधी कॉपी-पेस्ट है। उनका कहना है कि बिना सही जांच के ही फैसला लिया गया।

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