Advertisment

Pravasi Bharatiya Divas: भारत के बाहर सबसे ज्यादा भारतीय कहां रहते हैं? जानिए टॉप-6 देश जहां बसे हैं इंडियंस, कितना होगा फायदा

Pravasi Bharatiya Divas: हर साल 9 जनवरी को भारत में प्रवासी भारतीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस अफसर पर भारत सरकार प्रवासी भारतीयों के सम्मान में एक बड़े सम्मेलन का आयोजन करती है।

author-image
anjali pandey
new poster 1 - 2026-01-09T123028.084

Pravasi Bharatiya Divas: हर साल 9 जनवरी को भारत में प्रवासी भारतीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस अफसर पर भारत सरकार प्रवासी भारतीयों के सम्मान में एक बड़े सम्मेलन का आयोजन करती है। इसी बीच आज जानते हैं ऐसे कौन से  देश हैं जहां सबसे ज्यादा भारतीय रहते हैं, आइए जानते हैं। 

Advertisment

भारतीयों का दुनिया से जुड़ाव होना कोई नई बात नहीं है। इतिहास में भी भारतीय व्यापारी, श्रमिक और सैनिक अलग-अलग देशों में जाया करते थे। लेकिन अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान विदेश जाने की रफ्तार तेज हो गई। उस दौर में कई भारतीयों को मजदूर या सैनिक के रूप में विदेश भेजा गया था। कुछ लोगों को वहां का माहौल इतना पसंद आया कि वे वहीं बस गए, जबकि कई परिवार मजबूरी में वहीं रह गए। 

लेकिन आज हालात बिल्कुल अलग हैं। प्रवासी भारतीय न सिर्फ अपने लिए बेहतर जीवन बना रहे हैं, बल्कि दुनिया के हर कोने में भारत का नाम भी रोशन कर रहे हैं। अमेरिका की कई यूनिवर्सिटीज़ में हर चार में से एक छात्र भारतीय मूल का है। जो इस बात का एक बड़ा उदाहरण है। इन देशों के साथ साथ कई ऐसे देश हैं, जहां लाखों भारतीय खुशी-खुशी अपना जीवन बिता रहे हैं। 

1. संयुक्त राज्य अमेरिका

image

संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के बाहर भारतीय मूल के लोगों का सबसे बड़ा घर माना जाता है। विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट की माने तो करीब 54 लाख भारतीय मूल के लोग अमेरिका में रहते हैं। जिसमें लगभग 20 लाख एनआरआई हैं, जबकि 33 लाख से ज्यादा लोग अमेरिकी नागरिकता ले चुके हैं। अमेरिका में भारतीय समुदाय को एक मजबूत और प्रभावशाली लॉबी के रूप में भी देखा जाता है। आम अमेरिकी नागरिकों की तुलना में भारतीयों की शिक्षा, आय और सामाजिक स्थिति काफी बेहतर है। कई रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया है कि वास्तविक संख्या आधिकारिक आंकड़ों से भी ज्यादा हो सकती है।

Advertisment

भारतीय आबादी: करीब 54 लाख

अमेरिका में रहने वाले भारतीय भारत के लिए सबसे बड़े आर्थिक सहायक माने जाते हैं। आईटी, हेल्थकेयर, एजुकेशन और बिजनेस में काम करने वाले भारतीय बड़ी मात्रा में पैसा भारत भेजते हैं।

कितना पैसा भेजते हैं?

  • भारत को मिलने वाले कुल रेमिटेंस का लगभग 27–28% अकेले अमेरिका से आता है
  • अनुमानित रकम: 35–40 अरब डॉलर सालाना

भारत को क्या फायदा?

  • परिवारों की शिक्षा, इलाज और घर खर्च
  • घर, जमीन और बिजनेस में निवेश
  • डॉलर में आने वाला पैसा भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करता है
Advertisment

2. संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

thumbnail

यूएई भारतीयों के लिए दूसरा सबसे बड़ा ठिकाना माना जाता है। यहां भारतीयों की संख्या इतनी अधिक है कि वे देश की कुल आबादी का करीब 36 फीसदी हिस्सा हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार यूएई में करीब 36 लाख भारतीय रहते हैं। इनमें से ज्यादातर लोग एनआरआई के तौर पर काम करने के लिए वहां गए हैं। जो अब देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे रहे हैं।

भारतीय आबादी: करीब 36 लाख

यूएई में मजदूर वर्ग से लेकर बड़े कारोबारी तक बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। खाड़ी देशों में भेजा गया पैसा अक्सर सीधे घर की जरूरतों में लगता है।

कितना पैसा भेजते हैं?

  • कुल रेमिटेंस का करीब 19–20%
  • अनुमानित रकम: 23–25 अरब डॉलर सालाना

भारत को क्या फायदा?

  • केरल, यूपी, बिहार, राजस्थान जैसे राज्यों में लाखों घरों की आजीविका
  • गरीबी कम करने में सीधा योगदान
  • घरेलू खपत (consumption) बढ़ती है
Advertisment

3. मलेशिया

tui

दक्षिण-पूर्व एशिया का यह देश भारतीयों के लिए तीसरा बड़ा घर माना जाता है। यहां करीब 30 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इनमें से करीब 27 लाख लोगों ने मलेशियाई नागरिकता ले ली है। वहीं करीब 2 लाख लोग एनआरआई के रूप में यहां रह रहे हैं। मलेशिया में भारतीय समुदाय को सम्मान और अपनापन मिला है।

भारतीय आबादी: करीब 30 लाख

मलेशिया में भारतीय समुदाय पीढ़ियों से बसा हुआ है। यहां से आने वाला पैसा भले अमेरिका या फिर यूएई जितना न हो, लेकिन लगातार और स्थिर रहता है।

कितना पैसा भेजते हैं?

  • अनुमानित हिस्सा: 3–4%
  • अनुमानित रकम: 4–5 अरब डॉलर सालाना

भारत को क्या फायदा?

  • छोटे शहरों और कस्बों में परिवारों को स्थायी आर्थिक सहारा
  • बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य खर्च
  • लंबी अवधि की बचत और निवेश
Advertisment

4. कनाडा

image

भारत और कनाडा के राजनीतिक रिश्तों में उतार-चढ़ाव रहने के बावजूद कनाडा भारतीयों के लिए चौथा सबसे बड़ा ठिकाना माना जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक यहां करीब 30 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इनमें से 18 लाख से ज्यादा लोग कनाडाई नागरिक बन चुके हैं, जबकि करीब 10 लाख लोग वीजा पर रह रहे हैं। खास बात यह है कि यहां भारतीय मूल के छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा मानी जाती है।

भारतीय आबादी: करीब 30 लाख

कनाडा में भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स की संख्या तेजी से बढ़ रही  है। पढ़ाई के बाद नौकरी लगते ही पैसा भारत भेजा जाता है।

कितना पैसा भेजते हैं?

  • कुल रेमिटेंस का लगभग 3–4%
  • अनुमानित रकम: 4–6 अरब डॉलर सालाना

भारत को क्या फायदा?

  • परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत
  • एजुकेशन और हाउसिंग में निवेश
  • भविष्य में और ज्यादा रेमिटेंस की संभावना
Advertisment

5. सऊदी अरब

Saudiarabia
Saudiarabia

सऊदी अरब भारतीय मूल के लोगों के लिए पांचवां सबसे बड़ा घर माना जाता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यहां करीब 25 लाख भारतीय रह रहे हैं। इनमें से केवल कुछ हजार लोगों के पास सऊदी की नागरिकता है, जबकि करीब 24 लाख लोग वीजा पर काम कर रहे हैं। निर्माण, हेल्थ और सर्विस सेक्टर में भारतीयों की भूमिका यहां बेहद अहम मानी जाती है।

भारतीय आबादी: करीब 25 लाख

सऊदी अरब में काम करने वाले ज्यादातर भारतीय वर्क वीजा पर हैं। जो अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा भारत भेजते हैं।

कितना पैसा भेजते हैं?

  • कुल रेमिटेंस का 6–7%
  • अनुमानित रकम: 8–9 अरब डॉलर सालाना

 भारत को क्या फायदा?

  • मजदूर वर्ग के परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी
  • गांवों में मकान, जमीन और छोटे कारोबार
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती 

6. म्यांमार

म्यांमार

भारत का पड़ोसी देश म्यांमार में इस समय सैन्य शासन है, फिर भी भारतीय मूल के लोगों के लिए यह छठा बड़ा ठिकाना है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार करीब 20 लाख भारतीय मूल के लोग वहां की नागरिकता ले चुके हैं, जबकि कुछ हजार एनआरआई भी वहां रह रहे हैं।

भारतीय आबादी: करीब 20 लाख

म्यांमार में राजनीतिक अस्थिरता के बाद भी भारतीय समुदाय लंबे समय से मौजूद है।

कितना पैसा भेजते हैं?

  • रेमिटेंस का हिस्सा बहुत सीमित (1% से कम)
  • रकम कम है, लेकिन नियमित है

भारत को क्या फायदा?

  • सीमावर्ती इलाकों में परिवारों को सहारा
  • छोटे व्यापार और दैनिक खर्च पूरे होते हैं

दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश  

भारत आज दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, लेकिन करोड़ों भारतीय ऐसे भी हैं जिन्होंने बेहतर भविष्य, अच्छी नौकरी, शिक्षा और जीवनशैली की तलाश में विदेश को अपना ठिकाना बनाया है। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक करीब 3.5 करोड़ भारतीय भारत के बाहर रहते हैं, जिनमें एनआरआई और भारतीय मूल के लोग शामिल हैं। यही वजह है कि भारत को दुनिया का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय वाला देश माना जाता है।

यह भी पढ़ें: Breaking News Live Update 9 January: दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण पर हंगामा, आप विधायक संजीव झा मार्शल आउट

Pravasi Bharatiya Divas
Advertisment
WhatsApp Icon चैनल से जुड़ें