बांग्लादेश में तीसरे हिंदू की हत्या: मैमनसिंह में बजेंद्र बिसवास की गोली मारकर ली जान, आरोपी नोमान मियां गिरफ्तार

बांग्लादेश के मैमनसिंह में 42 वर्षीय बजेंद्र बिसवास की कपड़ा फैक्ट्री में 22 वर्षीय नोमन मियां ने शॉट गन से हत्या कर दी। हिंदू समुदाय पर यह तीसरा बड़ा हमला है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस घटना की जांच कर रही है, जबकि अल्पसंख्यक सुरक्षा पर सवाल बढ़ रहे हैं।

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Bajendra Biswas Murder: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल की हत्या के बाद अब मैमनसिंह जिले में 42 वर्षीय बजेंद्र बिसवास (bajendra-biswas-shot-dead) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना एक कपड़ा फैक्ट्री के अंदर हुई, जहां काम के दौरान अचानक हिंसक झड़प भड़क उठी और इसी बीच 22 वर्षीय नोमन मियां ने शॉट गन से बजेंद्र को निशाना बना लिया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, गोली लगते ही बजेंद्र ने वहीं दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी नोमन मियां को गिरफ्तार कर लिया है। Hindu killing Bangladesh 

फैक्ट्री में झड़प के बीच चली गोली

मैमनसिंह के भालुका इलाके में स्थित एक परिधान फैक्ट्री में शुक्रवार देर शाम अफरा-तफरी मच गई। बताया गया कि किसी बात को लेकर फैक्ट्री में विवाद बढ़ गया और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। झड़प के दौरान नोमन मियां ने अचानक शॉट गन उठा ली और भीड़ के बीच से बजेंद्र बिसवास पर फायर कर दिया। गंभीर रूप से घायल बजेंद्र को बचाया नहीं जा सका। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बजेंद्र गांव के सुरक्षा समूह अन्सार से जुड़े हुए थे और लंबे समय से फैक्ट्री में कार्यरत थे। Mymensingh violence 

पहले भी मैमनसिंह में हिंदुओं पर हमले

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मैमनसिंह क्षेत्र में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों की लगातार घटनाएं हो रही हैं। कुछ सप्ताह पहले इसी जिले की एक फैक्ट्री से दीपू चंद्र दास को भीड़ ने खींचकर पीट-पीटकर मार डाला था और बाद में उसकी लाश को चौराहे पर आग के हवाले कर दिया गया था। उस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश की कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए थे।  Bangladesh minority attack  

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अमृत मंडल की हत्या के बाद सरकार ने घटना को सांप्रदायिक हिंसा मानने से इनकार कर दिया था और उसे उगाही करने वाला अपराधी करार दिया था। सरकार की इस प्रतिक्रिया को लेकर आलोचना भी हुई थी। अब बजेंद्र की हत्या के बाद फिर से यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या एक बार फिर सरकार पीड़ित पर ही आरोप मढ़ने की कोशिश करेगी या मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करेगी। 

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अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

बांग्लादेश में हाल के राजनीतिक बदलावों के बाद से अल्पसंख्यक समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। लगातार हो रहे हमलों के बीच हिंदू संगठन सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। बजेंद्र की हत्या ने एक बार फिर से मैमनसिंह और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना दिया है।

पुलिस का कहना है कि गोली चलने की वजह और घटना की वास्तविक पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। फैक्ट्री के अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान लिए जा रहे हैं, जबकि सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से सांप्रदायिक हिंसा के रूप में चर्चा में है। 

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