IPS एम्पैनलमेंट नियमों में बदलाव: केंद्र में IG बनने से पहले SP-DIG स्तर पर दो साल की सेवा जरूरी, 2011 बैच के बाद वाले अधिकारियों पर लागू

भारत सरकार ने आईपीएस अधिकारियों के एम्पैनलमेंट नियमों में संशोधन किया है। 2011 बैच से आगे के अधिकारियों को अब केंद्र में आईजी या समकक्ष पद पर एम्पैनल होने से पहले एसपी या डीआईजी स्तर पर कम से कम दो साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी करनी होगी।

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IPS Empanelment Rules Change:  केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों के एम्पैनलमेंट में अहम बदलाव किया है। अब 2011 बैच और उसके बाद के IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार में IG स्तर पर तैनाती पाने के लिए SP और SSP रैंक पर कम से कम दो साल की सेवा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तौर पर पूरी करनी होगी। ये आदेश गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों को भेजा है। 

एम्पैनलमेंट के नियमों में क्या बदला 

IPS Empanelment Rules Change

गृह मंत्रालय की ओर 28 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार 2011 बेच से आगे के IPS अधिकारियों के लिए ये अनिवार्य कर दिया गया है कि वे केंद्र में IG या समकक्ष पद पर एम्पैनल होने से पहले SP और SSP रैंक पर कम से कम दो साल की सेवा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तौर पर पूरी करनी होगी।   central deputation IPS  

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केंद्र सरकार के खाली पदों से जुड़ा फैसला

सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य कारण केंद्र सरकार में SP औऱ SSP रैंक पर लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरना है। कई राज्यों के IPS अधिकारी केंद्रीय प्रतिनिुक्ति लेने से बचते रहे हैं। नए नियम लागू होने के बाद अब राज्यों के कैडर में तैनात IPS अधिकारियों को केंद्र में सेवा देना लगभग अनिवार्य हो जाएगा।

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2011 बैच से आगे के अफसरों पर सीधा असर

ये संशोधन 2011 बैच औक उसके बाद नियुक्त हुए IPS अधिकारियों पर लागू होगा। नए नियमों के चलते युवा और मिड लेवल IPS अधिकारियों को अपने करियर की बनाते समय केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को प्राथमिकता देनी होगी। इसके बिना भविष्य में IG स्तर या उससे ऊपर के पदों पर पहुंचना संभव नहीं होगा। 

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राज्यों को जारी हुआ निर्देश

गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में साफ किया है कि इस नई शर्त की जानकारी सभी राज्यों और उनके आईपीएस अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि संबंधित राज्य सरकारें अपने कैडर में तैनात अधिकारियों को इस संशोधित गाइडलाइंस (Guidelines) से अवगत कराएं, ताकि भविष्य में एम्पैनलमेंट को लेकर किसी तरह का भ्रम न रहे। 

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