India-US Trade Deal Update : भारत में अमेरिका के इन कृषि- डेयरी प्रोडक्ट के इंपोर्ट को मंजूरी, लेकिन इनको नहीं

India-US Trade Deal Update: भारत (India) और अमेरिका (America) ने आपसी और संतुलित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के ढांचे पर सहमति बना ली है।

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India-US Trade Deal Update: भारत (India) और अमेरिका (America) ने आपसी और संतुलित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के ढांचे पर सहमति बना ली है। यह एग्रीमेंट दोनों देशों यूएस–इंडिया के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) की दिशा में एक बड़ा कदम मना जा रहा है। 

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द व्हाइट हाउस से ज्वाइंट स्टेटमेंट सामने आया, जिसमें लिखा गया, संयुक्त राज्य अमेरिका (America) और भारत को यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि दोनों देशों ने पारस्परिक और परस्पर लाभकारी व्यापार को लेकर एक अंतरिम समझौते (Interim Agreement) के ढांचे पर सहमति बना ली है।

आज तय किया गया यह ढांचा, 13 फरवरी 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई व्यापक यूएस–इंडिया द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Bilateral Trade Agreement – BTA) वार्ताओं के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। इस व्यापक समझौते के तहत बाजार तक अतिरिक्त पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। जिसमें मजबूत व लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं (सप्लाई चेन) को समर्थन दिया जाएगा।

यह हैं एग्रीमेंट की प्रमुख शर्तें 

भारत, अमेरिका से आने वाले सभी औद्योगिक उत्पादों तथा खाद्य और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर लगाए गए शुल्क यानी टैरिफ को खत्म करेगा या फिर उनमें कटौती करेगा। इनमें जो प्रमुख रूप से शामिल हैं वो यह हैं

  • ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs)
  • पशु आहार के लिए रेड सोरघम
  • ट्री नट्स (जैसे बादाम, अखरोट आदि)
  • ताजे और प्रोसेस्ड फल
  • सोयाबीन तेल
  • वाइन और अन्य मादक पेय
  • इसके अलावा अन्य कृषि एवं खाद्य उत्पाद

इससे भारतीय बाजार में अमेरिकी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी और प्रतिस्पर्धा तेज होगी।

क्या है DDGS

डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्युबल्स (DDGS) इथेनॉल उत्पादन (मुख्य रूप से मक्का) के बाद बचा हुआ एक उच्च-पोषक तत्व वाला, सूखा सह-उत्पाद है। जानकारी के लिए बता दें कि यह प्रोटीन, वसा, फाइबर और अमीनो एसिड से भरपूर होता है।  इसे मवेशियों, सूअरों और मुर्गियों के लिए एक बेहतरीन, सस्ता पशु आहार विकल्प बनाता है। यह पशुओं के विकास के लिए ऊर्जा का भी एक प्रमुख स्रोत है।  

रेड सोरघम

लाल ज्वार का आटा (Red Sorghum) पशुओं के लिए एक पौष्टिक, प्रोटीन और ऊर्जा से भरपूर चारा होता है। इसे पोषक तत्वों से भरपूर एक प्राचीन अनाज से बनाया जाता है। जो अपनी बहुमुखी प्रतिभा और समृद्ध, मिट्टी जैसे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है।

अमेरिका भारतीय उत्पादों पर क्या रियायत देगा?

बता दें कि, फिलहाल अमेरिका ने 18% का पारस्परिक टैरिफ लागू करने की बात कही है। लेकिन अंतरिम समझौते के सफल निष्कर्ष के बाद कई भारतीय उत्पादों पर यह टैरिफ हटाया जा सकेगा। इनमें जो  प्रमुख रूप से शामिल हैं वह यह हैं

  • जेनेरिक दवाएं
  • रत्न और हीरे
  • विमान और विमान के पुर्जे

इसके साथ ही, अमेरिका भारत से आने वाले कुछ विमान और विमान पुर्जों पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े टैरिफ भी हटाएगा। जो पहले स्टील, एल्यूमिनियम और कॉपर से जुड़े कानूनों के तहत लगाए गए थे।

ऑटो पार्ट्स और दवाओं को लेकर क्या फैसला हुआ?

भारत को ऑटोमोबाइल पार्ट्स के लिए प्राथमिकता वाला टैरिफ कोटा दिया जाएगा। वहीं फार्मास्यूटिकल सेक्टर में, अमेरिका की Section 232 जांच के निष्कर्षों के आधार पर भारत को जेनेरिक दवाओं और उनके कच्चे माल पर बातचीत के जरिए समाधान दिया जाएगा। 

नॉन-टैरिफ बाधाएं भी होंगी दूर

भारत ने कई पुरानी नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर भी सहमति जताई गई है, इसमें अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेज पर अड़चनें शामिल हैं। साथ ही आईटी और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (ICT) उत्पादों के लिए जटिल आयात लाइसेंस, अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय मानकों को स्वीकार करने पर 6 महीने में निर्णय, खाद्य और कृषि उत्पादों को लेकर भी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान का वादा किया गया है।

डिजिटल ट्रेड और सप्लाई चेन पर भी दिया ध्यान

दोनों देश भारत और अमेरिका डिजिटल ट्रेड में भेदभावपूर्ण नियमों को खत्म करेंगे। वहीं मजबूत और पारदर्शी डिजिटल व्यापार नियमों की दिशा में काम करेंगे। तीसरे देशों की गैर-बाजार नीतियों से निपटने के लिए मिलकर रणनीति बनाएंगे। सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत करने पर सहयोग बढ़ाएंगे। 

भारत करेगा 5 साल में 500 अरब डॉलर की खरीद

समझौते के तहत भारत आने वाले 5 सालों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदने का इरादा रखता है। इसमें ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान पुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी उत्पाद (GPU, डेटा सेंटर उपकरण), कोकिंग कोल इसके साथ ही दोनों देश उन्नत तकनीक और इनोवेशन में सहयोग बढ़ाएंगे।

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क्यों अहम है यह समझौता?

भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा। जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में अवसर बढ़ाएगा। जो निवेश, रोजगार और तकनीकी सहयोग को गति देगा। भविष्य के व्यापक Bilateral Trade Agreement का भी यह मजबूत आधार बनेगा। 

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का 'X'

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का भी ट्वीट X सामने आया है। जिसमें उन्होंने लिखा कि, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क घरेलू हितों की रक्षा के लिए प्रमुख कृषि क्षेत्रों को सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा स्थानीय कृषि को समर्थन देने और देश को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने की कोशिश को मजबूत करने के लिए दुग्ध उत्पादन, फल, सब्जियां, मसाले और अनाज को संरक्षित रखा गया है। 

भारत–अमेरिका व्यापार समझौता

भारतीय किसानों को मिला पूरा संरक्षण, नहीं आ सकते ये अनाज 

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  • रागी
  • गेहूं
  • कोपरा
  • अमरंथ
  • स्यामक
  • कोदो
  • मक्का
  • बाजरा
  • चावल
  • कांगनी
  • जौ
  • ओट्स
  • ज्वार
  • मैदा
  • छिल्का रहित अनाज
  • आटा (गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा आदि)
  • संदेश साफ़ है – किसान सुरक्षित, देश विकसित।

भारत–अमेरिका व्यापार समझौता

डेयरी प्रोडक्ट्स को भारत में ‘नो एंट्री’

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भारतीय डेयरी किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन  उत्पादों को आयात से बाहर रखा गया है 

  • दूध (तरल, पाउडर, कंडेन्स्ड आदि)
  • चीज़ (मोज़रेला, ब्लू, ग्रेटेड/पाउडर्ड आदि)
  • क्रीम
  • मक्खन
  • घी
  • बटर ऑयल
  • योगर्ट
  • पनीर एवं अन्य डेयरी उत्पाद
  • बटरमिल्क
  • व्हे प्रोडक्ट्स
  • डेयरी सेक्टर को मजबूत संरक्षण – किसान सुरक्षित, देश विकसित।

भारत–अमेरिका व्यापार समझौता

भारतीय किसानों को मिला पूरा संरक्षण, नहीं आ सकती है ये सब्जियां 

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  • ताज़ी सब्जियां
  • फ्रोजन सब्जियां
  • अस्थायी रूप से संरक्षित सब्जियां
  • मिश्रित डिब्बाबंद सब्जियां
  • आलू
  • मटर
  • खीरा और घेरकिन्स
  • बीन्स
  • अन्य दलहनी सब्जियां (छिली या बिना छिली)
  • मिक्स्ड फ्रोजन सब्जियां
  • मशरूम (एगारिकस प्रजाति)
  • घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता – किसान सुरक्षित, देश विकसित।

भारत–अमेरिका व्यापार समझौता

मसालों को मिला पूर्ण संरक्षण

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  • काली मिर्च
  • लौंग
  • सूखी हरी मिर्च
  • दालचीनी (छाल, फूल आदि)
  • धनिया
  • जीरा
  • हींग
  • अदरक
  • हल्दी
  • अजवाइन
  • मेथी
  • चक्रमर्द
  • कैसिया
  • सरसों
  • राई
  • भूसी
  • अन्य पाउडर मसाले

भारतीय मसालों की पहचान सुरक्षित – किसान सुरक्षित, देश विकसित।

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