/bansal-news/media/media_files/2026/01/09/american-commerce-minister-claim-trump-wants-modi-call-him-on-trade-deal-hindi-zxc-2026-01-09-14-59-24.jpg)
India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील (Trade Deal) के रुकने को लेकर अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक (Howard Lutnick) ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उनका कहना है कि यह डील किसी नीति या व्यापारिक मतभेद की वजह से नहीं रुकी, बल्कि इसलिए आगे नहीं बढ़ सकी क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) को सीधे फोन नहीं किया। लुटनिक के अनुसार, ट्रम्प इसे व्यक्तिगत स्तर पर लेना चाहते थे और कॉल न आने से मामला बिगड़ गया।
बस एक फोन कॉल ने बिगाड़ी बात
एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान हॉवर्ड लुटनिक ने कबूला कि भारत के साथ ट्रेड डील लगभग पूरी हो चुकी थी। इस ट्रेड डील को लेकर अमेरिका और भारत के बीच अंतिम दौर पर थी। भारत को तीन शुक्रवार का समय दिया गया था। लुटनिक के अनुसार सारी शर्तें तय थीं और ट्रम्प खुद इस समझौते को क्लोज करना चाहते थे। इस ट्रेड डील के पूर्ण होने के लिए ट्रम्प चाहते थे कि प्रधानमंत्री मोदी व्यक्तिगत रूप से उन्हें कॉल करें। अमेरिकी मंत्री का कहना है कि भारतीय पक्ष इस तरह की बातचीत को लेकर असहज था और इसी कारण कॉल नहीं की गई, जिससे डील आगे नहीं बढ़ सकी। Modi Trump call
समय पर पहल न करने से दूसरे देशो को फायदा मिला
लुटनिक ने बताया भारत ने समय पर पहल नहीं की थी जिस वजह से इसका फायदा दूसरे देशों को मिला। अमेरिका को उम्मीद थी कि ये समझौता सबसे पहले भारच से होगा लेकिन ऐसा न होने पर अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ ट्रेड डील कर ली। इसी वजह से भारत लिस्ट में पीछे रह गया, जहां उसे प्राथमिकता दी जा रही थी। Howard Lutnick Statement
ब्रिटेन ने दिखाई तेजी तुरंत हो गई डील
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री (Commerce Minister) ने ब्रिटेन का एग्जांपल देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने समय पर खुद ट्रम्प को फोन कर बात की थी। जिसके अगले दिन ही अमेरिका और ब्रिटेन के बीच ट्रेड डील की घोषणा कर दी गई। लुटनिक के अनुसार, यही वह राजनीतिक पहल थी जिसकी अमेरिका भारत से भी उम्मीद कर रहा था।
ट्रम्प के कई कॉल और मोदी की दूरी
रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2025 जुलाई में डोनाल्ड ट्रम्प ने पीएम मोदी को चार बार फोन किया था लेकिन करने की कोशिश की थी लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। भारत सरकार को आशंका थी कि ट्रम्प बातचीत के नतीजों को सार्वजनिक मंच पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर सकते हैं। इसके अलावा, भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान ट्रम्प की मध्यस्थता (mediation) की पेशकश को भी मोदी सरकार ने खारिज कर दिया था, जिससे ट्रम्प नाराज बताए जाते हैं।
ये भी पढ़ें - Gaming News: गेमर्स के लिए खुशखबरी! अब फ्री में खेल सकेंगे महंगे से महंगे गेम, गूगल प्ले स्टोर में आने वाले है शानदार फीचर
ईगो की टकराहट और टैरिफ का दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल कूटनीति का नहीं बल्कि ईगो (ego) की टकराहट का भी है। रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर ट्रम्प प्रशासन ने भारत पर पहले 25 प्रतिशत और बाद में कुल 50 प्रतिशत टैरिफ (tariff) लगा दिया। हालांकि 17 सितंबर को मोदी के जन्मदिन पर ट्रम्प के फोन कॉल के बाद रिश्तों में कुछ नरमी दिखी और दिवाली तथा दिसंबर में भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई, लेकिन ट्रेड डील अब भी अटकी हुई है।
ये भी पढ़ें - LIC Jeevan Utsav Policy: 2026 में LIC का नया प्लान, बस एक बार प्रीमियम भरिए, पाए जीवनभर बीमा, जानें डिटेल
रूसी तेल बनी 50 प्रतिशत टैरिफ की वजह
अमेरिका ने भारत पर जो कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, उसमें से 25 प्रतिशत को रेसिप्रोकल टैरिफ (reciprocal tariff) बताया गया है, जबकि बाकी 25 प्रतिशत रूस से तेल खरीदने की वजह से लगाया गया है। अमेरिका का तर्क है कि इससे रूस को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में मदद मिलती है, जबकि भारत का कहना है कि यह पेनाल्टी (penalty) गलत है और इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए। US India Trade Deficit
ये भी पढ़ें - EPFO new guideline: अब 15 साल पुराना PF अकाउंट भी खोजना हुआ आसान, जानें क्या है नई गाइडलाइन
बढ़ता ट्रेड डेफिसिट बना अमेरिका की चिंता
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार असंतुलन भी इस पूरे विवाद की एक बड़ी वजह है। वित्त वर्ष 2024-25 में अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड डेफिसिट (trade deficit) 41.18 बिलियन डॉलर रहा। इससे पहले 2023-24 में यह 35.32 बिलियन डॉलर और 2022-23 में 27.7 बिलियन डॉलर था। लगातार बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर अमेरिका ने कई बार चिंता जताई है और इसे संतुलित करने की मांग की है। Donald Trump Modi Relations
ये भी पढ़ें - Gold Rate Today 9 January 2026: सोना फिर हुआ सस्ता, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी, जानिए आज के ताजा रेट
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us
चैनल से जुड़ें