छत्तीसगढ़ वन सेवा भर्ती नियमों में ऐतिहासिक बदलाव: ACF और रेंजर के 50 प्रतिशत पद अब वानिकी स्नातकों के लिए आरक्षित

Forest Service Recruitment for Forestry Students: छत्तीसगढ़ सरकार ने वन सेवा भर्ती में ACF और रेंजर, पदों की सीधी भर्ती में 50 प्रतिशत सीटें वानिकी विषय से स्नातक छात्रों के लिए आरक्षित कर दी हैं।

cg hh

Forest Service Recruitment for Forestry Students: छत्तीसगढ़ सरकार ने वन सेवा भर्ती नियमों में बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करते हुए सहायक वन संरक्षक (ACF) और वनक्षेत्रपाल (रेंजर) पदों की सीधी भर्ती में 50 प्रतिशत सीटें वानिकी विषय से स्नातक छात्रों के लिए आरक्षित कर दी हैं। इस फैसले से लंबे समय से उपेक्षित रहे फॉरेस्ट्री छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक केवल विज्ञान और गणित विषय से स्नातक उम्मीदवारों को ही इन पदों के लिए पात्र माना जाता था, जबकि वानिकी पढ़े छात्रों को किसी तरह की प्राथमिकता नहीं मिलती थी। छत्तीसगढ़ का करीब 44 प्रतिशत क्षेत्र वन क्षेत्र होने के बावजूद फॉरेस्ट्री छात्रों को अवसर नहीं मिल पा रहा था। नए नियमों से अब राज्य के हजारों युवाओं को वन विभाग में सेवा करने का मौका मिलेगा। यह फैसला न केवल रोजगार के नए रास्ते खोलेगा, बल्कि वन संरक्षण और प्रबंधन को भी मजबूत करेगा।

यह भी पढ़ें: बिलासपुर में ऑनलाइन हथियार बिक्री पर बड़ी पुलिस कार्रवाई: अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो सहित कई ई-कॉमर्स वेयरहाउसों पर छापेमारी, धारदार चाकू जब्त

अब तक क्या था नियम

अब तक इन पदों के लिए केवल विज्ञान और गणित विषय से स्नातक उम्मीदवारों को ही पात्र माना जाता था। फॉरेस्ट्री यानी वानिकी से पढ़ाई करने वाले छात्रों को किसी तरह की प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। इसके कारण कई योग्य छात्र मजबूरी में दूसरे विषयों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे।

44 प्रतिशत वन क्षेत्र वाला राज्य

छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल है जहां वन क्षेत्र सबसे अधिक है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा जंगलों से घिरा हुआ है। इसके बावजूद लंबे समय तक वानिकी छात्रों को वन सेवा में प्रवेश का सही मौका नहीं मिल पाया। यह स्थिति वन प्रबंधन के लिहाज से भी उचित नहीं मानी जा रही थी।

अन्य राज्यों में पहले से सुविधा

देश के कई राज्यों में पहले से ही भारतीय वन नियमों के तहत वानिकी छात्रों को छूट और प्राथमिकता दी जाती रही है। वहां फॉरेस्ट्री से पढ़े छात्रों को वन विभाग में सीधी भर्ती का लाभ मिलता रहा है। छत्तीसगढ़ में अब जाकर यह सुविधा लागू की गई है।

CGPSC कराता है भर्ती

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) समय-समय पर सहायक वन संरक्षक और वनक्षेत्रपाल की भर्ती परीक्षा आयोजित करता है। सहायक वन संरक्षक को द्वितीय श्रेणी अधिकारी माना जाता है, जबकि रेंजर का पद इंस्पेक्टर स्तर का होता है। दोनों ही पदों पर वन संरक्षण और प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी होती है।

यह भी पढ़ें: गरियाबंद ऑर्केस्ट्रा अश्लील डांस मामला: ओडिशा की डांसर सुचित्रा जेना गिरफ्तार, डांसर निशा महाराणा की तलाश जारीगरियाबंद ऑर्केस्ट्रा अश्लील डांस मामला: ओडिशा की डांसर सुचित्रा जेना गिरफ्तार, डांसर निशा महाराणा की तलाश जारी

छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा

नए नियम लागू होने के बाद अब फॉरेस्ट्री से स्नातक और स्नातकोत्तर कर चुके छात्र सीधे वन सेवा परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इससे उन्हें अपने ही विषय में सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा। इससे पहले कई छात्र डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार जैसे पदों पर तो पहुंचे, लेकिन वन विभाग में नहीं जा पाए।

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में सिविल जज के तबादले: उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारियों का भी किया गया ट्रांसफर, इन जिलों में मिली पोस्टिंग

वन संरक्षण को मिलेगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि वानिकी पढ़े अधिकारियों की नियुक्ति से वन संरक्षण और प्रबंधन की गुणवत्ता बेहतर होगी। जंगलों की देखरेख, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे कामों में प्रशिक्षित लोगों की भूमिका अहम होती है।

सरकार के फैसले का स्वागत

राज्य सरकार के इस फैसले का छात्रों और शिक्षकों ने स्वागत किया है। इसे रोजगार और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे छत्तीसगढ़ में वन सेवा और मजबूत होगी।

यह भी पढ़ें: बस्तर के विकास पर फोकस तेज़: तीन साल का एक्शन प्लान तैयार, जानिए.. क्या है छत्तीसगढ़ सरकार का Action Plan!

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article