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Bastar Development Action Plan: माओवाद के खिलाफ लड़ाई के निर्णायक चरण में पहुंचने और बस्तर क्षेत्र में धीरे-धीरे शांति लौटने के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने अब विकास कार्यों पर तेज़ी से फोकस बढ़ा दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि बस्तर में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर जनता का भरोसा मजबूत किया जाए और माओवादी विचारधारा की दोबारा वापसी को रोका जा सके। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को रायपुर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बस्तर संभाग में चल रहे विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
तीन साल का विशेष एक्शन प्लान तैयार होगा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य बस्तर का सर्वांगीण और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। इसके लिए बस्तर के लिए एक व्यापक तीन वर्षीय एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, जिसे मिशन मोड में लागू किया जाएगा।
सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सचिवों को नियमित रूप से बस्तर दौरे पर जाकर योजनाओं की जमीनी हकीकत जांचने को कहा गया है।
मूलभूत सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद के खात्मे के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी सुविधाओं का तेज़ी से विस्तार जरूरी है, ताकि विकास दूरस्थ इलाकों तक पहुंचे और प्रशासन पर जनता का विश्वास मजबूत हो।
बस्तर ओलंपिक्स और पंडुम से बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक्स और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों को जनता से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि लोग अब शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क की समीक्षा
बैठक में पेयजल आपूर्ति, विद्युतीकरण और मोबाइल कनेक्टिविटी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने शेष गांवों में जल्द बिजली पहुंचाने, दूरदराज इलाकों में मोबाइल टावर लगाने और विशेष अभियान चलाकर 100 प्रतिशत आधार कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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पर्यटन और रोजगार पर फोकस
बस्तर में पर्यटन विकास को लेकर भी चर्चा हुई। होमस्टे को बढ़ावा देने, स्वदेश दर्शन योजना के तहत चिन्हित स्थलों के विकास, बस्तर टूरिज्म कॉरिडोर के निर्माण और स्थानीय युवाओं को पर्यटन से जुड़े रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका योजनाएं
बैठक में वनोपज संग्रह के लिए वन धन केंद्र, भवनविहीन स्कूलों के लिए फंड, नवोदय और पीएम श्री स्कूलों का विस्तार, स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना, मेडिकल कॉलेज, पीएम-एबीएचआईएम योजना, बाइक एंबुलेंस सेवा, सिंचाई परियोजनाएं, आंगनबाड़ी-बालवाड़ी संचालन, ग्रामीण बस योजना और रोजगार बढ़ाने वाली योजनाओं पर भी चर्चा हुई।
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