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CG Cold Wave Alert
Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में सर्दी का असर एक बार फिर तेज होने वाला है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। पहले जहां न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, वहीं उसके बाद ठंड एक बार फिर अपना असर दिखाएगी। मौसम में इस बदलाव का असर आम जनजीवन, खेती और यातायात पर भी पड़ सकता है।
पहले थोड़ी राहत, फिर बढ़ेगी ठंड
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों तक प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे सुबह और रात की ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट दर्ज की जा सकती है। ऐसे में ठंड एक बार फिर तेज होगी और लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ेगा।
दुर्ग संभाग में शीत लहर का असर
प्रदेश के दुर्ग संभाग में पहले ही एक-दो स्थानों पर शीत लहर का असर देखने को मिल रहा है। ठंडी हवाओं के कारण सुबह और देर रात कंपकंपी बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह असर और बढ़ सकता है।
ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाते नजर आ रहे हैं, वहीं शहरों में भी सुबह के समय ठंड का असर साफ महसूस किया जा रहा है।
2 जनवरी को कैसा रहा तापमान
2 जनवरी को छत्तीसगढ़ के कई जिलों में दिन के समय हल्की गर्मी दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान सुकमा में 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बालोद में 29.9 डिग्री, बस्तर में 29.8 डिग्री, कबीरधाम में 29.3 डिग्री और देवगढ़ा में 29.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
बीते 24 घंटों के दौरान कुछ इलाकों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखी गई, जिससे दोपहर के समय हल्की गर्माहट महसूस हुई। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अस्थायी है।
कोहरा और हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छा सकता है। खासकर सुबह के समय दृश्यता कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की भी संभावना जताई गई है। यह बारिश तापमान में गिरावट को और बढ़ा सकती है, जिससे ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा।
सिनोप्टिक सिस्टम का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब के ऊपर सक्रिय है। यह औसत समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर ऊपर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।
इसके साथ ही मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर एक ट्रफ भी मौजूद है, जिसका प्रभाव उत्तर भारत के साथ-साथ मध्य भारत तक देखने को मिल सकता है। इसी मौसम प्रणाली के कारण छत्तीसगढ़ में तापमान में उतार-चढ़ाव, कोहरा और हल्की बारिश की स्थिति बन रही है।
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