झीरम घाटी कांड पर नार्कोटेस्ट की मांग पड़ी भारी: CG कांग्रेस ने विकास तिवारी को वरिष्ठ प्रवक्ता पद से हटाया, अनुशासनहीनता मानकर नोटिस जारी

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने झीरम घाटी नक्सल कांड की न्यायिक जांच को लेकर दिए गए बयान और पत्राचार को अनुशासनहीनता मानते हुए विकास तिवारी को वरिष्ठ प्रवक्ता पद से हटा दिया है।

Chhattisgarh Congress Action

Chhattisgarh Congress Action: छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर अनुशासन को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। पार्टी ने अपने वरिष्ठ प्रवक्ता विकास तिवारी को पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई झीरम घाटी नक्सल कांड की न्यायिक जांच को लेकर लिखे गए एक पत्र के बाद की गई है, जिसे पार्टी ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है।

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झीरम घाटी कांड बना विवाद की जड़

दरअसल, विकास तिवारी ने हाल ही में झीरम घाटी नक्सल कांड की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही दलों के कुछ नेताओं का नार्कोटेस्ट कराने की मांग की थी। यही मांग पार्टी नेतृत्व को नागवार गुजरी।

कांग्रेस का मानना है कि इस तरह की मांग कर विकास तिवारी ने न केवल पार्टी की आधिकारिक लाइन से हटकर बयान दिया, बल्कि वरिष्ठ नेताओं के नाम मीडिया में उछालकर संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाया।

प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर कार्रवाई

इस पूरे मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। पार्टी ने विकास तिवारी को वरिष्ठ प्रवक्ता पद से हटाने के साथ-साथ तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का नोटिस भी जारी किया है।

नोटिस में साफ किया गया है कि पार्टी नेतृत्व यह जानना चाहता है कि उन्होंने किस आधार पर न्यायिक आयोग को ऐसा पत्र लिखा और मीडिया में नेताओं के नाम जोड़कर बयान दिए। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में आगे और कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।

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देखें नोटिस-

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