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रायपुर में अवैध कब्जों पर निगम का बुलडोजर एक्शन: टाटीबंध और सोनडोंगरी में करोड़ों की सरकारी जमीन खाली, 18 दुकानें और 15 मकान ध्वस्त

रायपुर में अवैध कब्जों और बिना अनुमति निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। 18 अवैध दुकानें और 15 निर्माणाधीन मकानों को जमींदोज कर दिया।

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Harsh Verma
Raipur Bulldozer Action

Raipur Bulldozer Action: राजधानी रायपुर में अवैध कब्जों और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। शनिवार को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन-8 की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टाटीबंध और सोनडोंगरी इलाके में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया।

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इस कार्रवाई के दौरान निगम की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध रूप से बनाई गई 18 दुकानों और बिना नक्शा पास कराए बन रहे 15 मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।

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टाटीबंध में 20 हजार वर्गफीट जमीन से हटाया अतिक्रमण

नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल के नेतृत्व में पहली बड़ी कार्रवाई वीर सावरकर नगर, वार्ड क्रमांक-1 में की गई।

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जानकारी के अनुसार अटारी जाने वाले मार्ग और ट्रांसपोर्ट नगर टाटीबंध के पास करीब 20 हजार वर्गफीट शासकीय भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से 18 दुकानें बना ली गई थीं। यह दुकानें बिना किसी वैधानिक अनुमति के खड़ी की गई थीं।

नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी दुकानों को जेसीबी से तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

सोनडोंगरी में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर

इसके बाद निगम की टीम ने पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड, वार्ड क्रमांक-2 के अंतर्गत आने वाले सोनडोंगरी इलाके में कार्रवाई की। यहां बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग कर बिना नक्शा पास कराए मकानों का निर्माण किया जा रहा था।

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नगर निगम की जांच में सामने आया कि यहां लगभग 15 मकान निर्माणाधीन थे, जिनके लिए न तो भवन अनुज्ञा ली गई थी और न ही किसी तरह की वैधानिक स्वीकृति मौजूद थी। निगम की टीम ने इन सभी निर्माणाधीन ढांचों को गिरा दिया। इसके साथ ही अवैध रूप से काटी गई सड़कों को भी जेसीबी से उखाड़ दिया गया।

करोड़ों की सरकारी जमीन कराई गई मुक्त

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इस संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों रुपये की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। लंबे समय से इन इलाकों में अवैध निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध प्लॉटिंग और दुकानों के कारण क्षेत्र में ट्रैफिक और मूलभूत सुविधाओं की समस्या बढ़ रही थी। निगम की कार्रवाई से आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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निगम की सख्त चेतावनी

जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने वालों और अवैध प्लॉटिंग करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसे ही कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे अभियान में कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता अमन चंद्राकर, उप अभियंता लोचन चौहान, अबरार खान सहित नगर निवेश विभाग का पूरा अमला मौजूद रहा।

नगर निगम ने एक बार फिर आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले विधिवत अनुमति जरूर लें, अन्यथा कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।

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