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रायपुर में आंदोलन के दौरान दो महिला रसोइयों की मौत: लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया स्पष्टीकरण, शिक्षा मंत्री का भी आया बयान

राजधानी रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़ी रसोइयों की हड़ताल के दौरान दो महिला रसोइयों की मौत हो गई। इस घटना के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट जारी किया है।

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Harsh Verma
cg  (99)

Raipur Cook Protest: राजधानी रायपुर में मिड-डे मील योजना के तहत काम करने वाली रसोइयों के आंदोलन के दौरान दो महिला रसोइयों की मौत ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। यह आंदोलन रसोइयों के मानदेय बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर किया जा रहा था। घटना सामने आने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय और शिक्षा मंत्री की ओर से स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है।

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लोक शिक्षण संचालनालय का पक्ष

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लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि धरने पर बैठे रसोइयों के प्रतिनिधियों से संचालक लोक शिक्षण संचालनालय एवं स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव स्तर पर चर्चा की गई थी। इस चर्चा के दौरान शासन ने रसोइयों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए उनके मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया था। इसका अर्थ है कि रसोइयों को 500 रुपये अतिरिक्त देने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

संचालनालय के अनुसार, इस निर्णय की जानकारी देने के साथ ही रसोइयों से हड़ताल समाप्त कर अपने-अपने निवास स्थान लौटने का आग्रह भी किया गया था। इसके बावजूद कुछ रसोइयों ने धरना स्थल पर बने रहने का निर्णय लिया।

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दोनों मौतों का विवरण

लोक शिक्षण संचालनालय ने यह भी बताया कि जिन दो महिला रसोइयों की मौत हुई, उनमें से एक बालोद जिले की निवासी थी। वह 20 और 21 जनवरी को धरना स्थल पर मौजूद रही थी, लेकिन बाद में अपने घर लौट गई थी। घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे दल्ली राजहरा के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

दूसरी महिला रसोईया बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड की रहने वाली थी। वह पहले से ही गंभीर बीमारी से पीड़ित थी और उसका इलाज भिलाई स्थित शंकराचार्य अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

धरने से संबंध से इनकार

लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि दोनों मामलों में रसोइयों की मौत का धरना स्थल या हड़ताल से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। संचालनालय का कहना है कि राज्य शासन रसोइयों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण को लेकर पूरी तरह सजग है और उनके हित में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं।

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शिक्षा मंत्री का बयान

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इस पूरे मामले पर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर संबंधित रसोइयों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंत्री ने बताया कि रसोइयों के प्रतिनिधियों से पहले ही चर्चा हो चुकी है और 25 प्रतिशत मानदेय वृद्धि का आश्वासन दिया गया है। आगे किस्तों में और बढ़ोतरी करने पर भी बातचीत हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मौत के सटीक कारणों की जानकारी फिलहाल नहीं है और आगे क्या फैसला होगा, इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

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