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छॉलीवुड में पायरेसी का बड़ा मामला: रायपुर में बिना अनुमति यूट्यूब पर अपलोड हुई छत्तीसगढ़ी फिल्म, निर्माता की शिकायत पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री छॉलीवुड में पायरेसी का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने यूट्यूब चैनल संचालक के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

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Harsh Verma
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Chhattisgarhi Film Copyright Case: छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत, जिसे आमतौर पर छॉलीवुड (Chhollywood) कहा जाता है, एक बार फिर पायरेसी की गंभीर समस्या से जूझता नजर आ रहा है। इस बार मामला राजधानी रायपुर से सामने आया है, जहां एक छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माता की शिकायत पर पुलिस ने यूट्यूब चैनल संचालक के खिलाफ कॉपीराइट कानून के तहत एफआईआर दर्ज की है।

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यह मामला न सिर्फ एक निर्माता के आर्थिक नुकसान से जुड़ा है, बल्कि यह पूरे क्षेत्रीय सिनेमा के भविष्य पर भी सवाल खड़े करता है।

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क्या है पूरा मामला?

टाटीबंध निवासी दिनेश कुमार मिश्रा, जो मेसर्स व्हीआरएस प्रोडक्शन के प्रोपराइटर हैं, ने छत्तीसगढ़ी फिल्म Sidhwa Sajan का निर्माण किया था। यह फिल्म वर्ष 2014 में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से विधिवत प्रमाणित हुई थी।

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निर्माता के अनुसार, फिल्म के निर्माण में करीब 35 लाख रुपये की लागत आई थी। खास बात यह है कि उन्होंने इस फिल्म का कॉपीराइट किसी भी व्यक्ति या संस्था को नहीं बेचा था। ऐसे में फिल्म से होने वाला हर व्यावसायिक लाभ केवल निर्माता का अधिकार था।

यूट्यूब पर कैसे पकड़ी गई चोरी?

मामले का खुलासा 4 फरवरी 2025 की सुबह हुआ, जब निर्माता दिनेश कुमार मिश्रा ने YouTube पर अपनी ही फिल्म को एक अन्य चैनल पर अपलोड देखा। यह फिल्म “SDF PRODUCTION” नामक चैनल पर उपलब्ध थी, जिसे सुनील दिवाकर नामक व्यक्ति संचालित कर रहा था।

निर्माता का आरोप है कि बिना किसी अनुमति और जानकारी के फिल्म को यूट्यूब पर अपलोड किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म को अब तक साढ़े पांच लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। इस दौरान आरोपी ने विज्ञापनों के जरिए अच्छी-खासी कमाई की, जबकि मूल निर्माता को करीब 35 लाख रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ।

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पुलिस ने दर्ज किया मामला

फिल्म निर्माता की लिखित शिकायत पर आमानाका थाना पुलिस ने आरोपी सुनील दिवाकर के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट की धारा 63(B) के तहत अपराध दर्ज किया है।

पुलिस को सबूत के तौर पर यूट्यूब चैनल के स्क्रीनशॉट, सेंसर सर्टिफिकेट, प्रोड्यूसर कार्ड और फिल्म की क्लिप वाली सीडी सौंपी गई है। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।

निर्माता का दर्द

फिल्म निर्माता दिनेश कुमार मिश्रा का कहना है कि, “मेरी सहमति के बिना फिल्म को सिर्फ आर्थिक लाभ कमाने की मंशा से अपलोड किया गया। लाखों लोग इसे देख चुके हैं, लेकिन इसका कोई फायदा मुझे नहीं मिला। यह मेरे मेहनत और निवेश के साथ सीधा अन्याय है।”

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पायरेसी पर सख्ती की चेतावनी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के मोबाइल नंबर, डिजिटल गतिविधियों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। फिल्म और मीडिया से जुड़े जानकारों का मानना है कि पायरेसी क्षेत्रीय सिनेमा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है।

पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि किसी भी ओरिजिनल कंटेंट को बिना अनुमति यूट्यूब या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना कानूनन अपराध है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला छॉलीवुड के लिए एक चेतावनी की तरह है कि डिजिटल दौर में कॉपीराइट की सुरक्षा को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी हो गया है।

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