अब छत्तीसगढ़ के इन जिलों में भी खुलेंगे सायबर थाने: सिर्फ रायपुर रेंज में होंगे चार, सायबर क्राइम में आएगी कमी!

छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए 9 जिलों में नए साइबर पुलिस थाने खोले जाएंगे। नवंबर में अधिसूचना जारी हो चुकी है और जनवरी 2026 से संचालन की उम्मीद है, जिससे जांच तेज होगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।

CG Cyber Police Station

CG Cyber Policeछत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मार्च 2024 और मार्च 2025 के राज्य बजट में घोषित 9 जिलों में साइबर पुलिस थाने खोलने की अधिसूचना नवंबर महीने में जारी कर दी गई है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) के आदेश के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी 2026 से ये साइबर थाने पूरी तरह से काम करना शुरू कर देंगे। इससे न सिर्फ आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि रेंज स्तरीय साइबर थानों पर बढ़ते मामलों का दबाव भी कम होगा।

इन जिलों में खुलेंगे नए साइबर पुलिस थाने

सरकार की अधिसूचना के मुताबिक बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और जशपुर में जिला स्तरीय साइबर थाने खोले जाएंगे। खास बात यह है कि रायपुर रेंज में ही चार साइबर थाने हो जाएंगे। अभी रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग में केवल रेंज स्तर के साइबर थाने संचालित हो रहे हैं।

रेंज थानों पर घटेगा दबाव, बेहतर जांच की उम्मीद

फिलहाल रेंज साइबर थाने सीमित संसाधनों और बिना स्थायी स्वीकृत पदों के काम कर रहे हैं। आईजी को अन्य जिलों से डीएसपी, निरीक्षक और स्टाफ तैनात करना पड़ता है, जिससे तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें आती हैं। जिलों में साइबर थाने खुलने से मामलों की जांच स्थानीय स्तर पर तेज होगी और पीड़ितों को भी त्वरित न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी।

2026 के बजट से बढ़ी उम्मीदें

हाल ही में हुई डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराध एक अहम मुद्दा रहा। पीएम और केंद्रीय गृह मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में यह स्वीकार किया गया कि साइबर ठगों से निपटने के लिए संसाधन अभी अपर्याप्त हैं। दो साल से घोषित साइबर थानों के शुरू न होने पर सवाल भी उठे, जिसके बाद अधिसूचना जारी की गई। माना जा रहा है कि मार्च 2026 के बजट में इन साइबर थानों के लिए अलग से फंड भी मंजूर किया जा सकता है।

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सायबर अपराध पर कार्रवाई के आंकड़े

विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य में अब तक 2782 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर, महिला और बाल अपराधों की जांच का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। फर्जी सिम और म्यूल अकाउंट मामलों में 1116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 39 हजार से ज्यादा मोबाइल नंबर और आईएमईआई ब्लॉक किए गए हैं। वहीं साइबर हेल्पलाइन 1930 के जरिए 82.5 करोड़ रुपए की ठगी को समय रहते रोका गया है।

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