Advertisment

इनवॉइस नकली, एंट्री असली: DGGI ने फर्जी GST फर्मों का संगठित नेटवर्क किया बेनकाब, 2 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर में DGGI ने फर्जी GST कंपनियों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। 50 से अधिक फर्जी फर्मों के जरिए 48 करोड़ के इनवॉइस और करीब 9 करोड़ के टैक्स फ्रॉड का खुलासा हुआ है। दो आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

author-image
Shashank Kumar
Raipur DGGI Raid

Raipur DGGI Raid

Raipur DGGI Raid: छत्तीसगढ़ में जीएसटी प्रणाली के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI), रायपुर ने फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये के टैक्स फ्रॉड का भंडाफोड़ करते हुए अमन कुमार अग्रवाल और विक्रम मंधानी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी बिना किसी वास्तविक व्यापार या माल की आपूर्ति किए, केवल कागजी इनवॉइस के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अवैध लाभ उठा रहे थे।

Advertisment

मैग्नेटो मॉल में छापा, फर्जी नेटवर्क का खुलासा

डीजीजीआई की टीम ने 19 दिसंबर 2025 को रायपुर के मैग्नेटो मॉल स्थित मेसर्स प्रेम एंटरप्राइजेज में तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को दर्जनों फर्जी फर्मों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ये कंपनियां केवल कागजों में मौजूद थीं और इनके नाम पर बड़े पैमाने पर इनवॉइस जारी किए जा रहे थे।

50 से ज्यादा फर्जी GST लॉगिन बरामद

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से करीब 20 सिम कार्ड बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल फर्जी जीएसटी पंजीकरण कराने में किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि इन फर्मों से जुड़े ई-मेल आईडी और डिजिटल गतिविधियां विक्रम मंधानी द्वारा संचालित की जा रही थीं। डीजीजीआई अधिकारियों को उसके पास से 50 से अधिक फर्जी फर्मों के जीएसटी लॉगिन आईडी और पासवर्ड मिले हैं।

ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में SIR का काम पूरा: वोटर्स 23 दिसंबर से वेबसाइट पर देख सकेंगे अपना नाम

Advertisment

फर्जी इनवॉइस से करोड़ो का GST घोटाला

डेटा एनालिसिस में सामने आया है कि इन फर्जी कंपनियों के जरिए लगभग 48 करोड़ रुपये के इनवॉइस जारी किए गए, जिनमें करीब 9 करोड़ रुपये का जीएसटी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़ा प्रारंभिक है और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, घोटाले की वास्तविक राशि और बढ़ सकती है।

डीजीजीआई रायपुर ने दोनों आरोपियों को 20 दिसंबर को गिरफ्तार कर 21 दिसंबर को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 2 जनवरी 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि अमन कुमार अग्रवाल पहले भी इसी तरह के जीएसटी फर्जीवाड़े में जून 2025 में गिरफ्तार हो चुका है, इसके बावजूद उसने दोबारा फर्जी कंपनियों का नेटवर्क खड़ा किया।

ये भी पढ़ें:  जेपी नड्डा ने पूर्व CM बघेल को लिया आड़े हाथ: कहा-नक्सलियों की दोस्त थी कांग्रेस सरकार

Advertisment

GST सिस्टम के दुरुपयोग पर सख्ती

डीजीजीआई अधिकारियों के अनुसार यह एक संगठित और सुनियोजित जीएसटी फ्रॉड नेटवर्क है, जिसकी कड़ियां छत्तीसगढ़ के बाहर अन्य राज्यों तक भी फैल सकती हैं। डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

ये भी पढ़ें:  असली के नाम पर परोसा जा रहा नकली पनीर: एनालॉग पनीर से सेहत पर खतरा, तार-तार हुए FSSAI के नियम

Raipur DGGI Raid
Advertisment
WhatsApp Icon चैनल से जुड़ें