Raipur Jail Congress Leader death: रायपुर जेल में कांग्रेस नेता की संदिग्ध मौत, कांकेर से शिफ्टिंग के 2 दिन बाद दम तोड़ा

कांकेर के कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर की रायपुर सेंट्रल जेल में 4 दिसंबर को संदिग्ध मौत। फर्जी वन पट्टा केस में गिरफ्तार, 2 दिसंबर शिफ्टिंग के बाद मेकाहारा अस्पताल में दम तोड़ा। परिजनों ने लापरवाही-हत्या का आरोप लगाया, 30 घंटे बाद भी अंतिम संस्कार नहीं।

Raipur Jail Congress Leader death

Raipur Jail Congress Leader death

Raipur Jail Congress Leader death: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष जीवन ठाकुर की रायपुर सेंट्रल जेल में 4 दिसंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत (Jivan Thakur Death) हो गई। फर्जी वन पट्टा बनाने के आरोप में 12 अक्टूबर को कांकेर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था, अपराध क्रमांक 123/2025 के तहत धारा 420, 467, 468, 34 IPC और 340, 318(4) BNS 2023 के मामले में जेल भेजा गया। लेकिन बिना पूर्व सूचना 2 दिसंबर को रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया, जहां 2 दिन बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया।

परिजनों को 30 घंटे बाद सूचना, अंतिम संस्कार रुका

Raipur Jail Congress Leader death
विधायक सावित्री मंडावी और समाज ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

जेल अधीक्षक रेणु ध्रुव के अनुसार, 4 दिसंबर सुबह 4:20 बजे जीवन ठाकुर को डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां सुबह 7:45 बजे उनकी मौत हो गई। (Kanker Jail Transfer) लेकिन परिवार को शाम 5 बजे वायरलेस संदेश से सूचना मिली, जबकि उन्हें कोई पुरानी बीमारी नहीं थी। नाराज परिजनों ने 30 घंटे बाद भी शव का अंतिम संस्कार नहीं किया, ग्राम मायना में आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश फैल गया। चारामा थाने में ज्ञापन सौंपा गया।

ये भी पढ़ें:  CG Trains Cancelled: छत्तीसगढ़ की 10 ट्रेनें रद्द, रायपुर मंडल में 6 से 8 दिसंबर तक ऑटोमेटिक सिग्नलिंग अपग्रेड, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

हत्या-लापरवाही का गंभीर आरोप

परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन ने शिफ्टिंग, तबीयत बिगड़ने और अस्पताल भर्ती की कोई सूचना नहीं दी, जो हत्या का संकेत देता है। (Congress Leader Suspicious Death) गोंडवाना समाज सामान्य समिति बस्तर संभाग के सुमेर सिंह नाग ने इसे सामान्य मौत नहीं, बल्कि लापरवाही और संभावित हत्या बताया। विधायक सावित्री मंडावी ने बिना सूचना स्थानांतरण आदेश की जांच मांगी। समाज ने तीन दिनों से थाने-अस्पताल के चक्कर लगाए लेकिन सही जानकारी नहीं मिली।

ये भी पढ़ें:  CG Police Recruitment: छत्तीसगढ़ में 526 पुलिस पदों पर सीधी भर्ती शुरू, 4 जिलों के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

भूपेश बघेल मायना गांव पहुंचे

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel Visit) 5 दिसंबर को ग्राम मायना पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलेंगे। ज्ञापन में मजिस्ट्रियल जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, मेडिकल-पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराना, परिवार की उपस्थिति में पोस्टमॉर्टम, क्षतिपूर्ति और शव सुरक्षित गांव लाने की मांग की गई है। आदिवासी प्रमुख सुमेर सिंह नाग, कन्हैया उसेंडी, गौतम कुंजाम, तुषार ठाकुर ने चेतावनी दी कि 7 दिनों में गृह विभाग विशेष समिति न बनाई तो कलेक्टर कार्यालय घेराव करेंगे।

ये भी पढ़ें:  CG Govt Job Fraud: राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र के नाम पर 55 OBC उम्मीदवारों ने ली सरकारी नौकरी, फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का बड़ा मामला उजागर

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article