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बालोद में राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन: बृजमोहन अग्रवाल और मंत्री गजेंद्र यादव आमने-सामने, दोनों ने खुद को अध्यक्ष बताया, सांसद HC पहुंचे

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में होने वाले  राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी आयोजन को लेकर अब सियासी विवाद शुरू हो गया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आयोजन को रद्द किए जाने की बात कही है, वहीं स्काउट एंड गाइड संगठन ने कहा, आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।

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BP Shrivastava
Balod Jamboree Political Controversy

Balod Jamboree Political Controversy: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में होने वाले  राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी आयोजन को लेकर अब सियासी विवाद शुरू हो गया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आयोजन को रद्द किए जाने की बात कही है, वहीं स्काउट एंड गाइड संगठन ( भारतीय स्काउट एंड गाइड- BGS) ने साफ कर दिया है कि जंबूरी आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। वहीं बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को राज्य स्काउट एंड गाइड का अध्यक्ष बताते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

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बिना टेंडर किए गए काम- बृजमोहन अग्रवाल

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह आयोजन भारत स्काउट एंड गाइड, दिल्ली द्वारा किया जा रहा है और इससे जुड़े सभी काम जेम पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें राज्य सरकार की कोई सीधी भूमिका नहीं है। इस पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह आयोजन राज्य स्तर का है और इसमें बिना टेंडर के काम कराए गए हैं, पर इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।

कांग्रेस ने लगाया मंत्री गजेंद्र यादव पर आरोप

कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का पहले से ही भ्रष्टाचार से जुड़ा रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने बताया कि भारत स्काउट एंड गाइड के राज्य कार्यालय के लिए 22 और 24 जनवरी 2019 को जमीन खरीदी गई थी। ये दोनों रजिस्ट्री भारत स्काउट एंड गाइड के नाम पर की गई थीं। जिसमें बड़े स्तर पर करप्शन हुआ है।

जमीन खरीदी के चेक पर गजेंद्र यादव के साइन ! 

दस्तावेजों के अनुसार, ये जमीनें राजेश अग्रवाल से खरीदी गई थीं, जो उस समय छत्तीसगढ़ स्काउट एंड गाइड के कोषाध्यक्ष थे। जमीन की कीमत 56 लाख 93 हजार और 13 लाख 7 हजार रुपए थी, यानी कुल करीब 70 लाख रुपए का लेनदेन हुआ। इस भुगतान के चेक पर तत्कालीन अध्यक्ष गजेंद्र यादव के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं।

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आयोजन की जिम्मेदारी हमारे विभाग की: मंत्री 

मंत्री यादव ने बताया कि इस आयोजन में देश और विदेश से 18 हजार से ज्यादा बच्चे शामिल होंगे। बच्चे स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आते हैं। इसलिए, यह हमारी जिम्मेदारी है कि बच्चों के आने पर उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का अध्यक्ष राष्ट्रीय स्काउट गाइड द्वारा तय किया जाएगा, और चूंकि यह एक राष्ट्रीय आयोजन है, राष्ट्रीय अध्यक्ष ही इस भूमिका में रहेंगे। यह उनका काम है। यादव ने यह भी कहा कि बृजमोहन जी ने कौन से सवाल उठाए हैं, यह मुझे नहीं पता। मैं उनसे मिलकर व्यक्तिगत रूप से बात करूंगा।

शिक्षा विभाग, स्काउट गाइड का आयोजन

सांसद बृजमोहन ने बताया कि जब उन्होंने भारत स्काउट एंड गाइड के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन से अनियमितताओं के बारे में बात की, तो उन्होंने कहा कि इसमें उनकी कोई रुचि नहीं है। यह छत्तीसगढ़ राज्य स्काउट एंड गाइड और शिक्षा विभाग का मामला है।

बृजमोहन ने एक दिन पहले ही इस आयोजन को स्थगित करने का फैसला किया था। कार्यक्रम का स्थान नवा रायपुर से बदलकर बालोद कर दिया गया। वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत 10 करोड़ का बजट सीधे जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद के खाते में ट्रांसफर किया गया, जो संस्था की स्वायत्तता और वित्तीय नियमों का उल्लंघन है।

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कांग्रेस का आरोप- गड़बड़ी के लिए बदल दी टेंडर की शर्तें

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री सुबोध हरितवाल और कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने मीडिया से चर्चा में दस्तावेजों के साथ खुलासा करते हुए कहा कि जंबूरी के लिए दो टेंडर जारी किए गए। पहला टेंडर 20 दिसंबर को रद्द कर दिया गया और 3 जनवरी को खुलने वाले टेंडर में काफी असमानता है। पुराने टेंडर में 3 साल का अनुभव अनिवार्य था, जबकि नए टेंडर में केवल 1 साल का अनुभव मांगा गया। पुराने टेंडर में 3 महीने की बैंक गारंटी को घटाकर 1 महीने कर दिया गया। 5 करोड़ के टर्न ओवर को घटाकर 3 करोड़ कर दिया गया।

बृजमोहन अग्रवाल हाईकोर्ट पहुंचे

बृजमोहन अग्रवाल ने बिलासपुर हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में बताया है कि वे स्काउट गाइड के अध्यक्ष पद पर लगातार कार्यरत हैं। उन्हें बिना बताए आयोजन किया जा रहा है और  स्थान भी बदला जा रहा है। उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव भी पेश किया गया है।

छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड का अध्यक्ष को लेकर विवाद !

स्कूल शिक्षा विभाग ने 13 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी कर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को छत्तीसगढ़ राज्य स्काउट्स एवं गाइड्स का अध्यक्ष मनोनीत किया। यह आदेश ही विवाद की सबसे प्रमुख वजह है। क्योंकि इससे पहले बृजमोहन अग्रवाल के शिक्षा मंत्री रहते उन्हें स्काउट्स एवं गाइड्स का पदेन राज्य अध्यक्ष बनाया गया था।

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सांसद बृजमोहन अग्रवाल।

छत्तीसगढ़ भारत स्काउट एवं गाइड्स के उपनियम 17 (1) के प्रथम पैराग्राफ में यह स्पष्ट उल्लेख है कि राज्य परिषद द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद एक बार जिसको मनोनीत अध्यक्ष बना दिया जाता है, तो उसे 5 साल के लिए पदेन अध्यक्ष माना जाता है। ऐसी स्थिति में रूल बुक III 64.2 के मुताबिक बृजमोहन अग्रवाल इस समय स्काउट्स गाइड्स के पदेन अध्यक्ष हैं। ऐसी स्थिति में 13 दिसंबर 2025 का आदेश तभी मान्य हो सकता है जब बृजमोहन अग्रवाल अपने पद से इस्तीफा दे दें। वर्तमान स्थिति में बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है और स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से उनकी सहमति के बिना गजेंद्र यादव को पदेन अध्यक्ष घोषित कर दिया है।

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CM  साय ने एक्स पर किया पोस्ट हटाया

cm sai

विवाद उस समय और गहरा गया जब सांसद बृजमोहन अग्रवाल की ओर से कार्यक्रम स्थगन से जुड़ी सूचना जारी की गई। इसके बाद 6 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट से रोवर-रेंजरों के स्वागत और बधाई का पोस्ट सामने आया। 

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दोनों पक्षों से जुड़े पोस्ट के सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद मुख्यमंत्री का पोस्ट डिलीट कर दिया गया, जिससे बीजेपी अंदर चल रही अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई। इसके बाद सीएम ने अपना X पर किया पोस्ट हटा दिया।

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