Jagdalpur News: सरकारी नर्सिंग कॉलेज में कीड़े वाली सब्जी खाने से छात्राएं बीमार, शिकायत पर प्रबंधन चुप, प्राचार्या बोलीं- मैं अवकाश पर हूं

Jagdalpur News: जगदलपुर के सरकारी नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं को मेस में कीड़े वाली सब्जी परोसने का मामला सामने आया है। छात्राओं ने बताया कि भोजन खराब होने से कई लड़कियां बीमार हो गईं और व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता है।

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रिपोर्ट- रजत, जगदलपुर

Jagdalpur News: जगदलपुर के सरकारी नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं और प्रबंधन के बीच गंभीर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। महारानी अस्पताल परिसर में संचालित सरकारी नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें 1 दिसंबर की शाम मेस में परोसी गई सब्जी और दाल में कीड़े मिले। इस शिकायत के बाद भी मेस प्रबंधन और कॉलेज प्रशासन किसी तरह की जिम्मेदारी लेने से बचता दिखा। इस घटिया भोजन को खाने से कई छात्राएं बीमार हो गईं।

छात्राओं ने कीड़े लगे भोजन की तस्वीर भी साझा की है। उनका कहना है कि शिकायत करने पर न सिर्फ प्रबंधन चुप रहता है बल्कि उल्टा बच्चों को टारगेट किया जाता है। छात्राओं के मुताबिक यह कोई पहली घटना नहीं है। कई महीनों से कॉलेज प्रबंधन और छात्राओं के बीच टकराव बना हुआ है। बीएससी नर्सिंग हॉस्टल की वॉर्डन के साथ हुए विवाद के बाद हालात और बिगड़ गए हैं।

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भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल

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छात्राओं ने बताया कि हर बार खराब भोजन और कैंटीन की अव्यवस्थाओं की शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साध लेते हैं। कैंटीन का संचालन आवेदन के अनुसार 2100 रुपए प्रतिमाह में भोजन देने का एग्रीमेंट हुआ था, लेकिन कैंटीन संचालक छात्राओं से 2300 रुपए मांग रहा है। इतना ही नहीं, पैसे नहीं देने पर डराया-धमकाया जा रहा है। छात्राओं का कहना है कि प्रबंधन सबकुछ जानते हुए भी कार्रवाई नहीं कर रहा।

प्राचार्या ने क्या कहा?

इस मामले पर बंसल न्यूज से बात करते हुए कॉलेज की प्राचार्या तृप्ति सोनी ने कहा कि वे अभी छुट्टी पर हैं और 4 दिन बाद लौटने के बाद ही कुछ कह पाएंगी। लेकिन उनका यह बयान कि “पहले बताइए तस्वीर आपको किसने भेजी… मैं अवकाश पर हूं और 4 दिन के बाद जब लौटूंगी तब इस बारे में कुछ बता पाउंगी। आप चाहें तो सीएमएचओ से बात कर सकते हैं।

छात्राओं ने चेतावनी दी

छात्राओं का कहना है कि अब वे मामले को उच्च अधिकारियों तक लेकर जाएंगी। अगर इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो वे हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगी। छात्राओं ने कहा कि जब अस्पताल और नर्सिंग कॉलेज जैसे संवेदनशील परिसर में स्वास्थ्य से समझौता किया जा रहा है, तो यह बेहद गंभीर लापरवाही है।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी हॉस्टलों और संस्थानों में भोजन और प्रबंधन की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्राओं का स्पष्ट कहना है कि वे सुरक्षित माहौल और बुनियादी सुविधाएं चाहती हैं, लेकिन शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती।

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