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Bilaspur Municipal Corporation Meeting: बिलासपुर (Bilaspur) नगर पालिक निगम (Municipal Corporation) की तीसरी सामान्य सभा लखीराम ऑडिटोरियम (Lakhiram Auditorium) में आयोजित की गई। सभा की शुरुआत वंदे मातरम गीत से हुई। हालांकि शुरुआत शांतिपूर्ण रही, लेकिन जल्द ही पेयजल संकट का मुद्दा सदन में छा गया।
कांग्रेस पार्षद दल ने शहर में पीने के पानी की समस्या को लेकर सरकार और निगम प्रशासन को घेरा। नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप (Bharat Kashyap) ने कहा कि पानी की समस्या से सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के पार्षद भी परेशान हैं।
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पेयजल संकट पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
जैसे ही वार्डों में पानी नहीं पहुंचने और टैंकर व्यवस्था में लापरवाही का मुद्दा उठा, सदन में तीखी बहस शुरू हो गई। कांग्रेस पार्षदों ने कई इलाकों में जलापूर्ति ठप होने का आरोप लगाया।
सत्ता पक्ष के पार्षदों ने जवाब देते हुए कहा कि सामान्य सभा को राजनीतिक मंच न बनाया जाए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक बढ़ गई और सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
लिंगियाडीह अतिक्रमण विवाद से बवाल
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सभा के दौरान लिंगियाडीह (Lingiyadih) क्षेत्र में 175 से अधिक बेजा कब्जा हटाने के मुद्दे पर भी तीखा विवाद हुआ। आंदोलनकारियों की भीड़ सभा स्थल के बाहर पहुंच गई।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कांग्रेस पार्षद आंदोलनकारियों के साथ लखीराम ऑडिटोरियम के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। जिला कांग्रेस कमेटी (District Congress Committee) और एनएसयूआई (NSUI) के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मिशन अस्पताल रोड (Mission Hospital Road) पर जाम लग गया।
मेयर पूजा विधानी (Pooja Vidhani) को सदन छोड़कर बाहर आना पड़ा और उन्होंने आंदोलनकारियों की समस्याएं सुनीं।
15 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
हंगामे के बावजूद सामान्य सभा में कुल 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें जाति प्रमाण पत्रों का अनुमोदन, लिंगियाडीह पुनर्वास पर चर्चा, तोरखा रेलवे ओवरब्रिज (Torkha Railway Overbridge) का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह (Veer Narayan Singh) के नाम पर करने का प्रस्ताव शामिल रहा।
इसके अलावा भगवान बिरसा मुंडा (Birsa Munda) की प्रतिमा स्थापना, बृहस्पति बाजार निर्माण, सड़कों के डामरीकरण, जर्जर स्ट्रीट लाइट पोल बदलने, नए स्ट्रीट लाइट लगाने और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुधार से जुड़े प्रस्ताव पारित किए गए।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना (Mukhyamantri Nagarotthan Yojana) के तहत करीब 70 करोड़ रुपये के कार्य शासन को भेजने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। साथ ही 3 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई।
विकास बनाम राजनीति की बहस
सभा में यह साफ नजर आया कि शहर के बुनियादी मुद्दे, खासकर पानी की समस्या, अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुके हैं। हालांकि प्रस्ताव पारित हो गए, लेकिन विपक्ष का कहना है कि जमीनी स्तर पर काम होना ज्यादा जरूरी है। नगर निगम की इस बैठक ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में पेयजल और अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर राजनीतिक गर्मी और बढ़ सकती है।
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