Advertisment

कोंडागांव में मक्का प्लांट पर ग्रामीणों का हमला: ऑफिस में की तोड़फोड़, वाहनों को पहुंचाया नुकसान, गुलेल से फोर्स पर किया पथराव

कोंडागांव जिले के कोकोड़ी गांव स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट पर 700-800 ग्रामीणों ने वेस्ट से फसल खराब होने के आरोपों को लेकर हमला कर दिया।

author-image
Harsh Verma
Kondagaon Makka Plant Attack

Kondagaon Makka Plant Attack: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव (Kondagaon) जिले के कोकोड़ी (Kokodi Village) गांव में स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्लांट (Maa Danteshwari Makka Plant) पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 700 से 800 ग्रामीण लाठी-डंडे और पत्थर लेकर प्लांट परिसर में घुस गए और जमकर तोड़फोड़ की।

Advertisment

ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला तरल अपशिष्ट (Liquid Waste) उनके खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलें खराब हो रही हैं। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रशासन को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

यह भी पढ़ें:  देश के पहले ‘यू-ट्यूबर गांव’ तुलसी की चमक फीकी: छत्तीसगढ के हमर फ्लिक्स स्टूडियो पर लटका ताला, कंटेंट क्रिएटरों ने शहरों की तरफ किया रुख

ऑफिस में तोड़फोड़, वाहनों को भी नुकसान

अपशिष्ट से फसल खराब होने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, मक्का प्लांट में घुसकर की तोड़-फोड़, मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन

हमलावरों ने प्लांट के ऑफिस में घुसकर तोड़फोड़ की। परिसर में खड़ी कार, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 10 से 20 लाख रुपए तक का नुकसान हुआ है। गुरुवार रात हुए हमले के बाद शुक्रवार सुबह भी कुछ ग्रामीणों ने दोबारा प्लांट में घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें खदेड़ दिया।

Advertisment

हालात तनावपूर्ण, अतिरिक्त फोर्स तैनात

हालांकि, अभी भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने कांकेर (Kanker) से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया है। प्लांट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। गांव में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार कुछ ग्रामीण दूर से गुलेल के जरिए फोर्स पर पथराव कर रहे हैं। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने का दावा किया है।

ड्राइवर ने जंगल में छिपकर बचाई जान

हमले के दौरान महाराष्ट्र (Maharashtra) से आए एक ट्रक ड्राइवर ने बताया कि स्थिति इतनी भयावह थी कि उसे अपनी जान बचाने के लिए जंगल में छिपना पड़ा। वह रातभर वहीं छिपा रहा।

प्रबंधन पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने प्लांट के प्रबंध निदेशक (MD) विनोद खन्ना (Vinod Khanna) पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रबंधन की ओर से नियमित निगरानी नहीं की जाती। अधिकारी महीने में एक-दो बार ही रायपुर (Raipur) से निरीक्षण के लिए आते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि यदि समय रहते शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।

Advertisment

प्रशासन ने शुरू की जांच

प्लांट के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है।

प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रदूषण से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल कोकोड़ी गांव में हालात संवेदनशील बने हुए हैं और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों की फिर बढ़ी परेशानी: रेलवे ने बिलासपुर जोन की 9 पैसेंजर ट्रेनों को किया रद्द, देखें कैंसिल गाड़ियों की सूची

Advertisment
चैनल से जुड़ें