शिक्षकों की गंभीर लापरवाही: चार दिन तक बंद रही पढ़ाई, रसोइया ने संभाला स्कूल, समन्वयक समेत तीन का वेतन रुका

Bilaspur School Negligence: बिलासपुर के मुसियारी प्राथमिक स्कूल में चार दिन तक शिक्षक नहीं पहुंचे। रसोइया ने स्कूल खोला और सिर्फ मध्यान्ह भोजन कराया। संकुल समन्वयक समेत तीन का वेतन रोका, नोटिस जारी।

Bilaspur School Negligence

Bilaspur School Negligence: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत आमागोहन संकुल की शासकीय प्राथमिक शाला मुसियारी में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है।

स्कूल में पदस्थ दो शिक्षक पिछले चार दिनों से विद्यालय नहीं पहुंचे, जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप रही। जानकारी के अनुसार 6 फरवरी से विद्यालय की चाबी रसोइया फूलमतिया बाई के पास थी। शिक्षक अनुपस्थित रहे और विद्यालय का संचालन रसोइया के भरोसे चलता रहा।

रसोइया खोलती रही स्कूल

बताया गया है कि रसोइया प्रतिदिन स्कूल का ताला खोलती, बच्चों को मध्यान्ह भोजन कराती और फिर ताला लगाकर चली जाती थी। शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण कक्षाएं संचालित नहीं हो सकीं। चार दिनों तक बच्चों को केवल भोजन मिला, लेकिन शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बाधित रहीं। इससे अभिभावकों में भी नाराजगी देखी गई।

यह भी पढ़ें: बीजापुर में नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम: स्टेट हाईवे-63 पर 30 किलो IED बरामद, सुरक्षा बलों ने कंट्रोल्ड ब्लास्ट कर किया निष्क्रिय

कलेक्टर ने लिया संज्ञान

मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इसे गंभीरता से लिया और जिला शिक्षा अधिकारी तथा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कोटा को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि स्कूल में पदस्थ शिक्षक गोपाल सिंह और कुमारी तीजन लास्कर लगातार अनुपस्थित थे। वहीं संकुल समन्वयक पूर्णानंद मिश्रा द्वारा नियमित मॉनिटरिंग नहीं की गई।

यह भी पढ़ें: जगदलपुर में आदिवासी समाज की रैली में हिड़मा का गाना बजा: पुलिस के सामने लोगों ने किया डांस, आयोजकों ने कहा- ऑटो प्ले से चला

वेतन रोककर जारी हुआ नोटिस

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरेन्द्र मिश्रा ने बताया कि कलेक्टर और डीईओ के निर्देश पर संकुल समन्वयक पूर्णानंद मिश्रा और दोनों शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें: छात्रों का खतरनाक स्टंट: छत्तीसगढ़ राज्य बाल आयोग ने लिया संज्ञान, कलेक्टरों और डीईओ को भेजा पत्र, ऐसे आयोजनों पर रोक लगाने की अपील

शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते मामला सामने नहीं आता तो बच्चों की पढ़ाई लंबे समय तक प्रभावित होती रहती। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: बुरहानपुर के जंगल में पेड़ों से गोंद निकालने पर रोक: हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट, अगली सुनवाई 24 मार्च को



यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article