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पोटाकेबिन आवासीय स्कूलों में बड़ा राशन घोटाला: बीजापुर में बच्चों की फर्जी अटेंडेंस दिखाकर लाखों की हेराफेरी, चार प्रभारी अधीक्षक सस्पेंड

(रिपोर्ट: सतीश अल्लूर, बीजापुर) CG Suspend News: बीजापुर के पोटाकेबिन आवासीय विद्यालयों में बच्चों की फर्जी उपस्थिति पर राशन घोटाला उजागर हुआ। जांच में अनियमितता की पुष्टि के बाद चार प्रभारी अधीक्षक सस्पेंड किए गए।

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Shantanu Singh
CG Suspend News

CG Suspend News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पोटाकेबिन आवासीय स्कूलों में बच्चों के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जहां जांच में यह खुलासा हुआ की बच्चों की फर्जी अटेंडेंस दर्ज कर उनके नाम पर राशन और सब्जी की खरीदी दिखाई गई और लाखों रुपये की सरकारी राशि का आहरण कर लिया गया।

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इसके साथ ही भोजन मद में ज्यादा भुगतान और मेस चार्ज का सही लेखा जोखा नहीं रखने जैसी गंभीर अनियमितताएं भी पाई गईं। जिसके बाद चार प्रभारी अधीक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है। 

पुष्टि के बाद शासन की सख्त कार्रवाई

बता दें, अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद छत्तीसगढ़ शासन ने सख्त कदम उठाते हुए चार प्रभारी अधीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन ने साफ किया है कि बच्चों के हितों और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ये चार अधीक्षकों हुए सस्पेंड  

शासन की ओर से जिन अधीक्षकों को निलंबित किया गया है उनमें आदित्य ठाकुर प्रभारी अधीक्षक नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालक आवासीय विद्यालय भटवाड़ा, लक्ष्मीनारायण ओढदल प्रभारी अधीक्षक आवासीय विद्यालय सेंड्रापल्ली, पुष्पलता सोनी प्रभारी अधीक्षक आवासीय विद्यालय संगमपल्ली और रघुनंदन मौर्य प्रभारी अधीक्षक आवासीय विद्यालय भटवाड़ा शामिल हैं।

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जिला शिक्षा विभाग को मिली थी शिकायत

दरअसल,पोटाकेबिन आवासीय विद्यालयों में राशन घोटाले और वित्तीय अनियमितता को लेकर जिला शिक्षा विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के बाद संयुक्त संचालक शिक्षा ने मामले की जांच के आदेश दिए। गठित जांच दल ने विभिन्न पोटाकेबिन विद्यालयों में पहुंचकर दस्तावेजों और वास्तविक उपस्थिति का भौतिक सत्यापन किया।

दस्तावेजों में सौ प्रतिशत उपस्थिति 

जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दस्तावेजों में विद्यार्थियों की उपस्थिति सौ प्रतिशत दर्शाई गई थी जबकि वास्तविक स्थिति में विद्यालयों में आधे से भी कम छात्र मौजूद पाए गए। जांच टीम के अनुसार पिछले वर्ष जुलाई से अक्टूबर के बीच बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थित थे इसके बावजूद उनके नाम पर नियमित रूप से राशन और सब्जी की आपूर्ति दिखाई जाती रही।

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सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि

सबसे बड़ा सवाल यह सामने आया कि जब छात्र विद्यालय में उपस्थित ही नहीं थे तो उनके नाम पर राशन और सब्जी की आपूर्ति किस आधार पर की गई। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि राशन और सब्जी के नाम पर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने चारों अधीक्षकों को निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी है और आगे और कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

पहले भी सीमित कार्रवाई पर उठे थे सवाल

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले भी बीजापुर के पोटाकेबिन आवासीय विद्यालयों में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था। उस समय कार्रवाई केवल एक निचले स्तर के कर्मचारी तक सीमित रही थी। अब एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस बार जांच निष्पक्ष और व्यापक होगी या फिर कार्रवाई अधीक्षकों के निलंबन तक ही सीमित रह जाएगी।

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