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बीजापुर में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी कामयाबी: 2 सशस्त्र माओवादियों ने किया सरेंडर, 8 महिला और 4 पुरुष नक्सली शामिल

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। डीवीसीएम सहित 12 सशस्त्र माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।

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Harsh Verma
Bijapur Naxal Surrender

Bijapur Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिला में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी और अहम सफलता हाथ लगी है। सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एक डीवीसीएम (डिविजनल कमेटी मेंबर) सहित कुल 12 सशस्त्र माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। यह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों और प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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8 महिला और 4 पुरुष माओवादी शामिल

बीजापुर में पुलिस को बड़ी सफलता : हथियारों के साथ 12 माओवादियों ने किया सरेंडर, 54 लाख रुपए घोषित था इनाम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में 8 महिला और 4 पुरुष माओवादी शामिल हैं। इन सभी माओवादियों पर कुल 54 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने अपने पास मौजूद एक AK-47 और दो SLR राइफल भी पुलिस को सौंप दीं। यह दर्शाता है कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

गंभीर नक्सली घटनाओं में रही थी भूमिका

पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले सभी 12 माओवादी फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट, आगजनी और अन्य कई गंभीर नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं। लंबे समय से इनकी तलाश की जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इनके आत्मसमर्पण से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा।

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वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण

यह आत्मसमर्पण बस्तर संभाग के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। मौके पर पी. सुंदरराज (आईजी, बस्तर), देवेंद्र सिंह नेगी (डीआईजी, सीआरपीएफ), डॉ. जितेंद्र यादव (पुलिस अधीक्षक, बीजापुर), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल और उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पुनर्वास नीति के तहत मिली आर्थिक सहायता

आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये की नगद सहायता राशि दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही उन्हें आगे रोजगार, प्रशिक्षण और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।

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2026 में अब तक 888 माओवादियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक कुल 888 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसी अवधि में 1163 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 231 माओवादी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि नक्सल विरोधी अभियान लगातार असर दिखा रहा है।

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