ग्वालियर। प्रदेश के ग्वालियर में बनी जीवाजी यूनिवर्सिटी से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। इस मामले के बाद यहां हड़कंप मच गया है। दरअसल यहां के कर्मचारी काम छोड़कर अश्लील साइट देखने में अपना समय बिता रहे हैं। यहां के कर्मचारियों ने आठ दिन में 20 घंटे अश्लील साइटों पर बिताए हैं। एनकेएन (नेशनल नॉलेज नेटवर्क) द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया है। इतना ही नहीं इस जानकारी के बाद आठ कर्मचारियों की आईडी बंद कर दी गई है। साथ ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उन कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। हालांकि यह कोई नया मामला नहीं है जब कोई उच्च पदों पर बैठे जिम्मेदार काम के समय अश्लील साइटें देखते मिले हों। इससे पहले भी सरकारी दफ्तरों से लेकर संसद तक यह कारनामे देखने को मिल चुके हैं। अब जीवाजी विश्वविद्यालय में यह खबर मिलने के बाद मामला सुर्खियों में बना है।
1256 मिनट देखी अश्लील साइटें…
एनकेएन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यहां के कर्मचारियों ने कुल 1256 मिनट, लगभग 20 घंटे अश्लील साइटों पर बिताए हैं। इस जानकारी के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने डिपार्टमेंट में इंटरनेट बंद कर दिया है। साथ ही आठ कर्मचारियों की आईडी भी बंद कर दी है। शर्मसार करने वाली इस घटना को लेकर जेयू ने अपने कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। कर्मचारियों को इसका जवाब देना होगा। वहीं आईपी एड्रेस के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन-किन कंप्यूटर्स पर अश्लील फिल्में देखीं गईं हैं। गौरतलब है कि यह दूसरा विश्वविद्यालय में इस तरह का यह दूसरा मामला है। इससे पहले लाइब्रेरी में भी इस तरह की हरकत सामने आई थी। वहीं इस खबर के बाद से यह भी सवाल उठ रहे हैं कि जब कर्मचारियों ने हफ्ते में 20 घंटे अश्लील साइटें देखीं हैं तो काम कब किया। कलेज का समय सुबह 10.30 से शाम 5.30 का है। इस दौरान कर्मचारियों ने 20 घंटे साइट पर बिताए हैं। जेयू के नेटवर्क प्रभारी डीसी गुप्ता ने कहा कि अकादमी विभाग में गलत साइटें देखने की जानकारी मिली है। इसकी एनकेएन से चेतावनी भी जारी कर दी गई है। इसके चलते कर्मचारियों की आईडी बंद की गई है। इसके लिए जो कर्मचारी जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी।