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हाइलाइट्स
- सादे कागज पर भी लिखी जा सकती है वसीयत
- दो गवाहों के सिग्नेचर जरूरी होते हैं
- प्रोबेट के बाद संपत्ति क्लेम की जा सकती है
Will on Plain Paper:कई बार किसी की मृत्यु के बाद परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो जाते हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि व्यक्ति ने अपनी संपत्ति के बंटवारे को लेकर कोई कानूनी डॉक्यूमेंट नहीं छोड़ा होता। यही कारण है कि वसीयत (Will) को बहुत अहम माना जाता है। लेकिन सवाल यह है, क्या सादे कागज पर लिखी वसीयत भी मान्य होती है? और अगर हां, तो उससे प्रॉपर्टी क्लेम कैसे की जा सकती है?
वसीयत क्या होती है
वसीयत एक कानूनी डॉक्यूमेंट होती है जिसमें व्यक्ति (Testator) यह तय करता है कि उसकी मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति किसे मिलेगी। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी व्यक्ति के पास मकान, जमीन या बैंक बैलेंस है, तो वह यह लिख सकता है कि ये संपत्ति उसकी पत्नी, बेटे, बेटी या किसी और व्यक्ति को किस अनुपात में दी जाए। जिसे संपत्ति दी जाती है, उसे लाभार्थी (Beneficiary) कहा जाता है।
क्या सादे कागज पर लिखी वसीयत वैध है?
भारतीय कानून के अनुसार वसीयत सादे कागज पर भी लिखी जा सकती है। इसके लिए न तो स्टाम्प पेपर की जरूरत होती है और न ही नोटरी की। बस यह जरूरी है कि वसीयत साफ भाषा में लिखी गई हो और उसमें स्पष्ट रूप से बताया गया हो कि वसीयतकर्ता अपनी पूरी मर्जी से यह वसीयत बना रहा है। वसीयत पर दो गवाहों के सिग्नेचर या अंगूठे के निशान और वसीयतकर्ता का सिग्नेचर होना अनिवार्य है। अगर ये सभी शर्तें पूरी हैं, तो सादे कागज पर लिखी वसीयत पूरी तरह वैध मानी जाती है और उसके आधार पर संपत्ति क्लेम की जा सकती है।
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वसीयत के आधार पर प्रॉपर्टी कैसे क्लेम करें
वसीयत की कॉपी तैयार रखें
वसीयत की मूल या प्रमाणित कॉपी के साथ संपत्ति के कागजात, आईडी प्रूफ और मृत्यु प्रमाणपत्र जुटाएं।
कोर्ट से प्रोबेट के लिए आवेदन करें
प्रोबेट एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत कोर्ट वसीयत को वैध घोषित करती है।
गवाहों की गवाही जरूरी होगी
कोर्ट जरूरत पड़ने पर वसीयत के गवाहों को बुला सकती है ताकि वे पुष्टि कर सकें कि वसीयत उनके सामने साइन की गई थी।
प्रॉपर्टी ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी करें
कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम या तहसील कार्यालय जाकर संपत्ति ट्रांसफर के लिए आवेदन करें।
कानून के अनुसार, सादे कागज पर लिखी गई वसीयत भी पूरी तरह वैध होती है, बशर्ते वह सही फॉर्मेट और गवाहों के साथ तैयार की गई हो। अगर आप चाहते हैं कि आपकी संपत्ति को लेकर आपके बाद कोई विवाद न हो, तो वसीयत बनाना एक समझदारी भरा कदम है।
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