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उत्तरप्रदेश में फिर से योगी सरकार बनने के बाद से राजनैतिक गलियारों में एक बात की चर्चा सबसे ज्यादा है। चर्चा है कि बीजेपी बसपा सुप्रीमों मायावती को देश का अगला राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति बना सकती है? संभावनाएं तो हैं, क्योंकि यूपी में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में मायावती एक्टिव दिखाई नहीं दी। माना जा रहा है कि बीजेपी के बहुमत में आने का रास्ता बसपा ने बनाया था। क्योंकि बसपा ने यूपी की कुल 122 सीटों पर चुनाव लड़ा था। बसपा ने उन सीटों पर ऐसे उम्मीदवार उतारे थे जो सपा उम्मीदवार की जाति के थे। यह सीटें ऐसी थी जहां सपा के जीतने की प्रबल संभावनाए थी लेकिन अधिकतर सीटों पर बीजेपी को जीत मिली। कुल मिलाकर यूपी चुनाव में बसपा जानबूझकर स्लीपिंग मोड में थी यानि मायावती ने बीजेपी की गुप्त तरीके से मदद की?
बीजेपी ने मायावती को ऐसे किया अपनी ओर
राजनैतिक जानकारों की माने तो यूपी की ताकतवर नेता रही मायावती ने अपने कार्यकाल में बेहिसाब काली कमाई की, उन्होंने अरबों रूपये की संपत्ति बनाई। बीजेपी ने मायावती के खिलाफ सीबीआई, ईडी से लेकर आयकार विभाग से जांच कराने का डर दिखाकर अपनी ओर कर लिया। यही वजह है कि यूपी चुनाव में मायावती ने बीजेपी के साथ अंदर से गुप्त गठबंधन किया। एक बात यह भी है कि यूपी की राजनीति में जाति का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण होता आया है। यूपी में करीब 4 करोड़ मुस्लिम वोट है जो यूपी की करीब 143 सीटों पर निर्णायक भूमिका में रहते है। यूपी चुनाव में करीब 107 सीटों पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक साबित हुए लेकिन इन सीटों पर सपा का दबदबा था लेकिन सपा के किले में सेंध मारने के लिए मायवती ने बीजेपी की मदद की? कुल मिलकार मायावती ने भाजपा की जीत की राह आसान बनाई।
मायवती को मिलेगा राष्ट्रपति पद का गिफ्ट?
यूपी चुनाव मे बीजेपी के लिए पालनहार बनकर आई मायावती को बीजेपी राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति पद का उपहार दे सकती है। ऐसा राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी मायवती को देश का अगला राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति बना सकती है। क्योंकि वर्तमान में देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद है जो दलित समुदाय से आते है। रामनाथ कोविंद का कार्यकाल भी खत्म होने वाला है। ऐसे में बीजेपी राष्ट्रपति पद पर दलित नेता को ही बरकरार रखना चाहती है। वही मायवती भी दलित नेता है तो स्वाभिव है कि बीजेपी मायावती को ही देश का अगला राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति बना सकती है। आपकों बता दें कि मायवती को राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति बनाए जाने की चर्चा सोशल मीडिया और राजनैतिक गलियारों में तेजी से हो रही है। हम इस खबर की पूरी तरह से पुष्टि नहीं करते है। हालांकी मायावती ऐसी खबरों का खंडन कर चुकी है। मायवती ने कहा था की ऐसी खबरे वेबुनियाद है। ऐसा कुछ नहीं है।
हाल में हाल ही में मायावती को राष्ट्रपति बनाने की चर्चा ने जोर पकड़ा था ,राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा लगातार हो रही थी कि बीजेपी मायावती को देश का अगला राष्ट्रपति बनाएगी और इसीलिए तमाम तरह के आरोप भी लग रहे थे कि बीजेपी और बीएसपी की आम चुनाव में मिलीभगत है । हालांकि मायावती ने 27 मार्च को इसका खंडन कर दिया था और यह भी कहा था कि कांशीराम ने उनका यह प्रस्ताव बहुत पहले ठुकरा दिया था इसलिए मैं इस बारे में सोच भी नहीं सकती।
राजनीति में बहुत सारी संभावनाएं होती हैं जो समय और जरूरत के हिसाब से बदलती रहती हैं। हालांकि इस बारे में मेरा मानना है कि मायावती इस तरह के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करना चाहेंगी।इस समय वो अपना ध्यान बीएसपी को फिर से मजबूत करने पर लगाएंगी। क्योंकि पार्टी में उनके कद का कोई और लीडर नही है जो पार्टी के नेताओं और बसपा के कैडर को साध सके। - आलोक राय बंसल न्यूज उत्तरप्रदेश राजनीतिक विशेषज्ञ
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