T20 World Cup में क्यों घुटने टेक रहे हैं खिलाड़ी, जानिए BLM मूवमेंट के बारे में सबकुछ

blm movement

नई दिल्ली। ICC T20 World Cup 2021 UAE में खेला जा रहा है। भारत अपना पहला मैच पाकिस्तान के खिलाफ बुरी तरह हार गया था। इस मैच को लेकर भारतीय खिलाड़ी ट्रोलर्स के निशाने पर हैं। हालांकि इस मैच का एक वीडियो लोगों का दिल भी जीत रहा है। इस वीडियो में भारतीय खिलाड़ी घुटने के बल बैठे हुए हैं। आइए जानते हैं खिलाड़ी ऐसा क्यों कर रहे हैं।

बतादें कि भारतीय टीम सहित ICC T20 World Cup 2021 में खेलने वाली तमाम टीमें इस तरीके से एक मुहिम को सपोर्ट कर रही हैं। इस मुहिम का नाम है ‘BLM’ कैंपेन।

क्या है BLM कैंपेन?

मैच शुरू होने से पहले खिलाड़ी इस कैंपेन में भाग लेते हैं और अपने घुटनों के बल पर बैठकर BLM यानि ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ आंदोलन का समर्थन करते हैं। खिलाड़ी डगआउट के बाहर मैच शुरू होने से पहले ऐसा करते हैं। पाकिस्तानी टीम ने भी इस अभियान का समर्थन किया था। हालांकि, उन्होंने घुटने नहीं टेके थे बल्कि अपने दिल पर हाथ रखकर इसका समर्थन किया था।

मूवमेंट के कारण हुआ विवाद

वहीं, मंगलवार को भी इस अभियान में एक विवाद जुड़ गया। दरअसल, साउथ अफ्रीका टीम ने सोमवार को ऐलान किया था कि उनकी टीम हर मुकाबले से पहले घुटने पर बैठेगी। ताकि BLM मूवमेंट को सपोर्ट किया जा सके। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने अपने बोर्ड के फैसले का विरोध किया। वे बोर्ड के फैसले से खुश नहीं थे और वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए मुकाबले में प्लेइंग इलेवन से भी बाहर हो गए। ऐसे में डिकॉक की जगह हेनड्रिक्स को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।

साउथ अफ्रीका ने किया था इस आंदोलन का समर्थन

बतादें कि क्रिकेट में सबसे पहले इस मूवमेंट का समर्थन किसी टीम के तौर पर साउथ अफ्रीका ने ही शुरू किया था। क्योंकि रंगभेद की नीति के कारण साउथ अफ्रीका की टीम लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रही थी। ऐसे में पिछले साल ही क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) के कार्यकारी सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) जैक्स फॉल ने कहा था कि उनका बोर्ड Black Lives Matter ‘ब्लैक लाइव्स मैटर (BLM)’ अभियान के साथ एकजुटता से खड़ा है और वह इस भेदभाव के खिलाफ लोगों को शिक्षित करने के लिए अपने सभी मंचों का उपयोग करेगा। हालांकि, पहले के मुकाबले साउथ अफ्रीका में अब काफी बदलाव आया है और टीम में श्वेत और अश्वेत दोनों तरह के खिलाड़ियों की भागीदारी रहती है।

यहां से शुरू हुआ आंदोलन

मालूम हो कि अमेरिका में श्वेत पुलिस अधिकारी की बर्बरता से अफ्रीकी-अमेरिकी मूल के व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद बीएलएम आंदोलन ने दुनियाभर में गति पकड़ी। दुनियाभर में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच माइकल होल्डिंग, जेसन होल्डर, डैरेन सैमी जैसे क्रिकेटरों ने भी खुद के साथ हुए भेदभाव के अनुभवों को साझा किया था। बतादें कि दुनियाभर में राजनीति, फिल्म, उद्योग और खेल जगत की हस्तियां इस कैंपेन को सपोर्ट कर चुकी हैं।

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