Advertisment

Wayanad Landslide Story: कैसे बचाई थी वायनाड में लोगों ने अपनी जान? जिंदा बचे लोगों ने सुनाई उस भयानक रात की कहानी

Wayanad Landslide Story: कैसे बचाई थी वायनाड में लोगों ने अपनी जान? जिंदा बचे लोगों ने सुनाई उस भयानक रात की कहानी

author-image
aman sharma
Wayanad Landslide Story: कैसे बचाई थी वायनाड में लोगों ने अपनी जान? जिंदा बचे लोगों ने सुनाई उस भयानक रात की कहानी

Wayanad Landslide Story: केरल में भारी बारिश के कारण वायनाड (Wayanad Landslide Story) में लैंडस्लाइड हादसा हो गया। इस हादसे में अब तक 308 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस हादसे में जिंदा बचे लोगों के घर पानी में बह गए।

Advertisment

वहीं, परिजन मलबे हटा-हटा कर अपनों की तलाश कर रहे हैं। वहीं, जो लोग इस हादसे में बचे हैं वह इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। चलिए आपको बताते हैं कि वायनाड लैंडस्लाइड हादसे में जिंदा बचे लोगों की कहानी।

मेप्पाडी के राहत शिविर में एक बुजुर्ग महिला ने मीडिया कर्मियो (Wayanad Landslide Story) से बातचीत करते हुए बताया कि वह और उनकी पोती ने इस हादसे से बचने के लिए जंगल में शरण ली थी। बुजुर्ग महिला अपनी पोती के साथ हाथी के बगल में बैठ कर पूरी रात बिताई थी।

बुजुर्ग महिला ने मीडिया को बताया कि हमने हाथी (Wayanad Landslide Story) से कहा था कि हमने इसमें सब कुछ खो दिया है, हम पर हमला मत करना। इसके बाद हम हाथी के बगल में बैठ गए और पूरी रात वहीं बिताई। बुजुर्ग महिला ने आगे कहा कि भूस्खलन हुआ तो वह अपने घर से पहाड़़ की तरफ भागी। वहीं, सुजाता के परिवार के अन्य सदस्य इस भीषण हादसे में घायल हो गए हैं।

Advertisment

मुश्किल से बची जान

मोहम्मद बासिल नाम के एक युवक ने बताया कि भूस्खलन से दस मिनट पहले ही उनके परिवार ने सूझबूझ दिखाते हुए जंगल से पहाड़ियों पर चले गए थे। इससे उनकी मां-पिता और खुद की जान बचाई है। उन्होंने आगे बताया कि हादसे वाली सुबह से पहले रात में हमें अपने घर पर नींद नहीं आ रही थी इसलिए हम 1 KM अपने चाचा के घर पर सोने के लिए चले गए।

https://twitter.com/TheAnilPant/status/1819275415829336277

इसके बाद वहां पर सुबह पानी की आवाजें आ रही थीं, साथ ही जिस घर में हम मौजूद थे वह भी जोर-जोर से हिलने लगा था। मलबा घर के दरवाजे के बाहर आकर गिर गया था, जिससे वह अटक गए थे। इसके बाद बमने पूरी ताकत से दरवाजे खोले और जल्दी-जल्दी में जंगल की ओर भाग गए, जिसकी वजह से वह अपनी जान बचा पाएं।

आंखों से बहते देखा अपनो को

वहीं, इस हादसे में चूरलमाला के रहने वाले गणेश ने बताया कि वह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। वह सोमवार को देर रात घर (Wayanad Landslide Story) पर लौटे थे। जब वह घर आए तो उन्होंने कीचड़ से भरा पानी देखा और इसके बाद उन्होंने बिना कोई वक्त गंवाए सीधा पत्नी को उठाया और पहाड़ों पर चले गए। इस हादसे में गणेश की बहन, जीजा और उनके बेटे-बहु की मौत हो गई। उन्होंने पहाड़ों से अपनी बहन और उनका घर बहते देखा था।

Advertisment

ये भी पढ़ें- NEET Paper Leak: सुप्रीम कोर्ट ने इस वजह से नीट परीक्षा नहीं की रद्द! NTA को लगाई फटकार, बोले-जल्द खामियों को करें दूर

ये भी पढ़ें- Indian Stock Market: शेयर बाजार में मचा हाहाकार! निवेशकों को लगी 4 लाख करोड़ की चपत; Zomato को हुआ इतना फायदा

Advertisment
चैनल से जुड़ें