सुहागरात की रात पूरा गांव बैठता है कमरे के बाहर, दंग रह जाएंगे वजह जानकर!

इन दिनों पूरे देश में शादी विवाह का दौर चल रहा है। देश के कौने कौने में शादियों का माहौल है। भारत देश में होने वाल शादियों में कई रीति रिवाज होते है जिन्हें शादी से पहले या शादी के बाद वर- वधु से परिवार के बीच कराया जाता है। कुछ ऐसे भी रीति रिवाज हैं जिन्हें जानकर आप भी दंग रह जाएंगे। इन परंपराओं पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल भी हो जाता है। जीं हां आज हम आपको एक ऐसे ही रिवाज के बारे में बताने जा रहे है।

सुहागरात पर गांव बैठता है कमरे के बाहर

भारत में एक गांव ऐसा है जहां सुहागरात के समय पूरा गांव कमरे के बाहर बैठता रहता है। आखिर इसकी वजह क्या है। दरअसल, महाराष्ट्र के कंजरभाट नाम का समुदाय पिछले 20 सालों से यही पुरानी परंपरा को निभाता आ रहा हैै। इस परंपरा को निभाने का असली उद्देश्य दुल्हन के चरित्र के बारे में जानना होता है। इसके लिए पूरा का पूरा गांव सुहागरात के दिन कमरे के बाहर डेरा डालकर बैठता है।

दुल्हा-दुल्हन को दी जाती है सफेद चादर

इस परंपरा के अनुसार दूल्हा-दूल्हन को कमरे के अंदर जाने से पहले सफेद चादर दी जाती है और नवविवाहित जोड़े को इसी बिस्तर पर सफेद चादर बिछाकर सोना पड़ता है। सुबह सरपंच चादर पर दाग देखता है। अगर चादर पर दाग पाया गया तो महिला को पवित्र माना जाता और यदि कोई दाग दिखाई ना दे तो वह महिला अपनी परीक्षा में फेल हो जाती है। अगर लड़की वर्जिन नही निकलती है तो लड़की के परिवार व रिश्तेदार उसके साथ हिंसा करते है। कंजरभाट समुदाय को समुदाय के बनाए गए क़ायदे कानून को मानना पड़ता है। अगर कोई नियमों का पालन नही करता तो उसका समुदाय से बहिष्कार कर दिया जाता है। यही कारण है कि पूरा गावं सुहागरात के समय कमरे के बाहर बैठा रहता है।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password