ये कहानी इमरजेंसी के बाद 1977 के दौर की है, इंदिरा गांधी देश की सत्ता से बाहर हो गई थीं और जनता पार्टी की सरकार चल रही थी. बिहार के बेलछी गांव में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले एक बड़ा कांड हुआ, जिसमें कुर्मियों के एक गुट ने बेलछी गांव पर हमला कर दिया और पिछड़ी जाति के 11 लोगों को जिंदा जला दिया गया। इंदिरा गांधी 13 अगस्त 1977 को पहले कार से निकलीं, लेकिन बारिश की वजह से आगे नहीं जा पाईं. इसके बाद ट्रैक्टर में सवार हुईं जब बेलछी पहुंचने का कोई और साधन नहीं था, तब इंदिरा ने हाथी पर सवार होकर जाने का फैसला किया. करीब तीन घंटे तक हाथी की सवारी करने के बाद इंदिरा बेलछी पहुंच गईं और यही उनका सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ
आज का इतिहास: जनता ने एक बार फिर से इंदिरा गांधी के हाथों सौंप दी थी देश की बागडोर
1977 में बेलछी नरसंहार के बाद इंदिरा गांधी बारिश और दुर्गम रास्तों के बावजूद कार, ट्रैक्टर और फिर हाथी पर सवार होकर गांव पहुंचीं। यह साहसिक कदम उनकी राजनीतिक वापसी का बड़ा मास्टरस्ट्रोक बना।
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