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इंदौर: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर फल बेचते मासूम बच्चों की तस्वीरे वायरल हो रही थी। ये तस्वीरें इंदौर की बताई जा रही थी, जिसने काफी तूल पकड़ा। लेकिन जब इंदौर पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इन तस्वीरों की हकीकत पता लगाई है।
दरअसल इन तस्वीरों का सच वैसा नहीं जैसा बताया जा रहा है। ये बच्चे फल नहीं बेच रहे बल्कि फल की दुकान लगाने वाले राधेश्याम पाटिल जब खाना खाने गए तो अपने बेटे आयुष को दुकान पर बैठा गए। तभी आयुष के साथ खेलने वाली हिमाक्षी जो कि पास में रहने वाले एक फोटोग्राफी ट्रेनर की बेटी बैठ गई।
इसी समय वहां किसी ने तस्वीरें क्लीक कर सोशल मीडिया पर डाल दी। प्रशासन और पुलिस की टीम ने जब पड़ताल करने पहुंची की तो पता लगा की तस्वीर में नजर आ रही बच्ची के पिता तो आयकरदाता हैं और उन्हें मदद की जरूरत नहीं है। हालंकि, आखिर आईजी ने भी संज्ञान में लेकर आरआई को भेजा। आरआई ने स्थिति जानी और फल वाले को नया ठेला दिलवाया। उसके सारे फल खरीदे औऱ घर में बंद पड़ी टीवी बच्चे के लिए शुरू करवा दी और उनको तीन महीने का राशन और आर्थिक मदद भी दी है।
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