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Security and Vigilance Alert: प्रदेश में ईद और नवरात्रि को लेकर सतर्कता, जानें किन 25 जिलों में जारी हुआ अलर्ट

Security and Vigilance Alert: ईद, रामनवमी, अंबेडकर जयंती और चैत्र नवरात्रि पर्व के सुरक्षा प्रबंधों को लेकर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं।

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Kalpana Madhu
Security and Vigilance Alert: प्रदेश में ईद और नवरात्रि को लेकर सतर्कता, जानें किन 25 जिलों में जारी हुआ अलर्ट

Security and Vigilance Alert: ईद, रामनवमी, अंबेडकर जयंती और चैत्र नवरात्रि पर्व के सुरक्षा प्रबंधों को लेकर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों, डीएम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा भी की।

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उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश में कई त्योहार होंगे।  हर एक पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हो। मुख्य सचिव ने कहा कि फील्ड में तैनात सभी अधिकारी यह सुनिश्चित कराएं कि धार्मिक कार्यक्रम, पूजा-पाठ व अन्य आयोजन निर्धारित स्थान पर ही हों। अलविदा की नमाज व ईद पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।

   2900 से ज्यादा हॉट-स्पॉट की हुई पहचान

पिछले साल 2023 में बागपत में ईद के दौरान हुई वारदात व अन्य घटनाओं के मद्देनजर प्रदेश भर में 2912 हॉट-स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम व निगरानी की व्यवस्था की गई है।

अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी चिह्नित स्थानों पर वे खुद भ्रमण कर स्थितियों का आकलन करें। ताकि कानून व्यवस्था दुरुस्त रहे।

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   जानें कौन से जिले हैं अति संवेदनशील

11 अप्रैल को ईद (चांद के मुताबिक), 14 को अम्बेडकर जयंती व नवरात्रि और 17 अप्रैल को रामनवमी के मद्देनजर 25 जिले अति संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। इसमें लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, शामली, मिर्जापुर, गोरखपुर, मेरठ, अलीगढ़, मऊ, आजमगढ़, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, मुरादाबाद, आगरा, प्रयागराज, अम्बेडकरनगर, बहराइच, बलरामपुर, बरेली, बुलंदशहर, गोंडा, बिजनौर, संभल, सहारनपुर और फिरोजाबाद हैं।

   कड़ी सुरक्षा के बीच होगी अलविदा की नमाज

डीजीपी प्रशांत कुमार ने पांच अप्रैल को अलविदा की नमाज कड़े सुरक्षा घेरे में संपन्न कराए जाने के विस्तृत निर्देश दिये।  अपने दिए गए निर्देश में डीजीपी ने कहा कि अलविदा की नमाज व ईद के अवसर पर कहीं किसी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित होंगे, ऐसे में विशेष तौर पर सावधानी रखी जाए।

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