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नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) कोविड-19 टीकाकरण अभियान के पहले दिन शनिवार को दिल्ली में जिन स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वायरस का टीका लगाया गया, उनमें एईएफआई (टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव) का एक ‘गंभीर’ और 51 ‘मामूली’ मामले सामने आए।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के 11 जिलों में टीकाकरण अभियान के पहले दिन 8,117 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाने का लक्ष्य था, जिनमें कुल 4,319 लोगों को टीका लगाया गया।
अधिकारियों ने कहा कि जिन लोगों को टीका लगाया गया, उनमें से कुछ में एईएफआई के मामले आए।
सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘‘एईएफआई के कुछ मामले आए लेकिन अधिकतर मामूली थे। निगरानी के दौरान ये लोग सामान्य हो गए। एईएफआई का केवल एक गंभीर मामला दक्षिणी दिल्ली में सामने आया।’’
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार टीकाकरण के बाद प्रतिकूल चिकित्सा प्रभाव के मामले को एईएफआई की श्रेणी में रखा जाता है जिसका टीके के इस्तेमाल से संबंध होना जरूरी नहीं है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दक्षिणी और दक्षिण पश्चिमी जिलों से एईएफआई के 11 ‘मामूली’ मामले आए।
अधिकारियों के अनुसार एईएफआई के ‘मामूली’ मामले उत्तर पूर्वी और शाहदरा जिलों को छोड़कर बाकी सभी जिलों से आए।
दिल्ली में शनिवार को 81 केंद्रों पर टीकाकरण अभियान चलाया गया।
भाषा वैभव नेत्रपाल
नेत्रपाल
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