मेरठ बंद: हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर पूरा मेरठ बंद,  बाजारों में पसरा सन्नाटा, ओपीडी ठप-धरने पर बैठे वकील

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर मेरठ में बुधवार को ऐतिहासिक बंद देखने को मिला। वकीलों, व्यापारियों और डॉक्टरों के समर्थन से बाजार, ओपीडी और जनजीवन प्रभावित रहा, जबकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं।

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Meerut Band: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की लंबे समय से चली आ रही मांग एक बार फिर केंद्र में आ गई है। इसी मांग को लेकर बुधवार को मेरठ में पूर्ण बंद का आह्वान किया गया, जिसका व्यापक असर पूरे शहर में देखने को मिला। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और आम दिनों की तुलना में सड़कों पर आवाजाही बेहद कम नजर आई। demanding-high-court-bench

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बाजारों पर दिखा बंद का असर

खैरनगर, बुढ़ाना गेट, बेगमपुल, दिल्ली रोड, गढ़ रोड, बच्चा पार्क और जिमखाना मैदान जैसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में दुकानें नहीं खुलीं। व्यापारियों ने स्वेच्छा से बंद को समर्थन दिया। कई जगहों पर दुकानों के शटरों पर ताले लटके रहे, जिससे साफ तौर पर बंद की गंभीरता झलकती रही।

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वकीलों का धरना और जनसंपर्क अभियान

बंद को सफल बनाने के लिए जिला बार एसोसिएशन और मेरठ बार एसोसिएशन ने अहम भूमिका निभाई। सुबह 6 बजे से ही वकीलों की टीमें कचहरी से निकलकर अलग-अलग इलाकों में पहुंचीं और व्यापारियों व आम लोगों से समर्थन की अपील की। कचहरी के मुख्य गेट पर अधिवक्ताओं ने धरना दिया और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग को रखा। इस दौरान मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा, महामंत्री राजेंद्र सिंह राणा, जिला बार अध्यक्ष राजीव त्यागी और महामंत्री अमित कुमार राणा समेत कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे।

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डॉक्टरों ने भी दिया समर्थन

मेरठ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी इस बंद को पूर्ण समर्थन दिया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी और सचिव डॉ. विकास गुप्ता ने जानकारी दी कि सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सभी निजी क्लीनिक और अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। हालांकि, मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह चालू रखी गईं।

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40 से अधिक टीमों ने किया जनजागरण

हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर करीब 40 से अधिक टीमों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में जनजागरण अभियान चलाया। इन टीमों ने लोगों को बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे बड़े क्षेत्र के लिए हाईकोर्ट बेंच कितनी जरूरी है। इस अभियान में आनंद कश्यप, रविंद्र कुमार, देवकीनंदन शर्मा, आशीष चौरसिया, सचिन त्यागी समेत कई अधिवक्ता सक्रिय रूप से शामिल रहे।

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