Advertisment

UP कैबिनेट का बड़ा फैसला: 11 लाख 95 हजार 351 शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा, इन शिक्षामित्रों को पहले कराना होगा वेरिफिकेशन

author-image
Preeti Dwivedi
UP Cabinet Meeting Decisions CM Yogi Winter Session recruitment rules hindi news zxc

UP Cabinet Decisions Shiksha Mitra Cashless Health Facility: शुक्रवार को सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए कैशलेस चिकित्सा की घो​षणा की गई है। इसमें 11 लाख 95 हजार 351 शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। जिस पर कुल 358.68 करोड़ रुपए का व्यय होगा। आपको बता दें आज की कैबिनेट में 32 में से 30 पर निर्णय हुआ, 2 प्रस्ताव स्थगित हुए। 

Advertisment

इतने लाख शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस सुविधा का लाभ

बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन  4 लाख 3426 शिक्षक हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल में कार्यरत शिक्षक जो कि 13 हजार 380 हैं और बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन स्वावित्त पोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन जो शिक्षक हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल में कार्यरत शिक्षक और बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन स्ववित पोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक 4 लाख 72 हजार 735, शिक्षामित्र 1 लाख 42 हजार 929, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अनुदेशक जो कि 24 हजार 717 हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डन पूर्णकालिक अंशकालिक शिक्षक और शिक्षिकाओं के लिए जो कि 7 लाख 7 हजार 479 और प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइए 97 हजार 344 और विशेष शिक्षक जो कि सीडब्ल्यूएसएन शिक्षक हैं। इस स्थिति में कुल मिलाकर 11 लाख 95 हजार 391 प्रदेश में शिक्षक हैं। इनके लिए कैशलेस जो चिकित्सा की सुविधा कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। 

इन स्कूलों के शिक्षकों को वैरिफिकेशन के बाद मिलेगी सुविधा 

इस सुविधा का लाभ देने के लिए एक व्यवस्था ये जोड़ी गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन स्वप पोषित मान्यता प्राप्त जो विद्यालयों के शिक्षक होंगे इनको वेरीफाई करने के लिए एक जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी जनपदों में इनकी अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी जहां पे इन सभी शिक्षकों का एक बार वेरिफिकेशन कराया जाएगा। प्राइवेट स्कूल्स में परिषदीय परिषद के अधीन स्वावित पोषित जो मान्यता प्राप्त विद्यालय है, इनमें शिक्षक हैं। इन लोगों को इस कैशलेस सुविधा का लाभ मुहैया कराया जाएगा। 

प्राइवेट स्कूलों को भी मिलेगा लाभ 

प्राइवेट विद्यालय जिन्हें मान्यता दी जाती है जो बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन स्ववित पोषित मान्यता प्राप्त हैं ऐसे विद्यालयों के शिक्षकों को भी इसमें शामिल किया गया है। इनका एक बार वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और बीएसए के अध्यक्षता में एक कमेट बनाई जाएगी। इनके द्वारा वेरीफाई कर देने के बाद ये शिक्षक वहां पर कार्यरत हैं। उन सभी शिक्षकों को उसका लाभ दिया जाएगा। 

Advertisment

रसोइयों को भी मिलेगा लाभ 

बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत समस्त जितने भी शिक्षक हैं, मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं, सभी के शिक्षकों को  बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन शिक्षक सभी बेसिक शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर, हाई स्कूल में कार्यरत सभी शिक्षक, बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन स्विमित्व पोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के सभी शिक्षक, सभी शिक्षा मित्र, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सभी अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में वार्डन, पूर्णकालिक अंशकालिक शिक्षक शिक्षिकाएं, प्रधानमंत्री पोषण योजना के सभी रसोइए और शिक्षक विशेष हैं उन्हें इसमें शामिल किया जाएगा। साथ ही डब्ल्यूएसएन शिक्षक सभी इसके अंतर्गत सम्मिलित हैं। इस तरह इन सभी का आंकड़ा 11 लाख 95 हजार 391 है। 

संस्कृत शिक्षा परिषद के शिक्षकों को भी मिलेगा लाभ 

संस्कृत शिक्षा परिषद के द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद एवं संस्कृत शिक्षा परिषद के मान्यता प्राप्त स्वत्त कोषित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत व्यवसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों को, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के दृष्टिगत उक्त शिक्षकों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को, सरकारी चिकित्सालयों के अलावा निजी चिकित्सालयों में भी आईपीडी अंतर रोगी विभाग उपचार की कैशलेस सुविधा की अनुमान्यता प्रदान की गई है। 2 लाख् 97 हजार है। 
इन सभी पर 89 करोड़ 25 लाख से ज्यादा का व्यय आएगा। 

अमृत टू योजना के लिए बड़ा फैसला

अटल नवीन अटल नबीनीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन 20 यानी अमृत 20 योजना के अंतर्गत गोरखपुर के नगर निगम गोरखपुर में सीवरेज योजना जोन ए3 से संबंधित परियोजना के लिए 721 करोड़ को 40 लाख 41000 जीएसटी व सेंचर सहित के व्यय के प्रस्ताव पर अनुमोदन आज मंत्री परिषद ने दे दिया है। 

Advertisment

यह अमृत टू के अंतर्गत सीवरेज योजना है जो आज मंत्री परिषद ने अनुमोदन दे दिया है। यह 721 करोड़ 40 लाख 41 हजार सेंटर सहित भारत सरकार एरिया कवर करेगी। इसमें 17 वार्ड और 43 हजार 604 नग्रह संयोजन के माध्यम से केंद्रांश है।

यह भी पढ़ें: Redmi Note 15 Pro Series Launch: नई डिजाइन, 200MP कैमरा और 100W चार्जिंग के साथ Xiaomi का बड़ा दांव

Up cabinet decisions up shikshak Bharti
Advertisment
चैनल से जुड़ें