Ambedkar Nagar Land Dispute:  अम्बेडकरनगर में कानून को ठेंगा, कोर्ट में लंबित जमीन विवाद के बीच पुलिस मौजूदगी में दबंगों ने ढहाया मकान

जानकारी के मुताबिक, संबंधित जमीन का मामला पिछले कई वर्षों से अदालत में विचाराधीन है। विवादित भूमि खसरा संख्या 78 के अनुपालन के नाम पर कार्रवाई की बात कही गई, लेकिन आरोप है कि दबंगों ने खसरा संख्या 76 में बने मकान को गिरा दिया।

House Demolition

ये घटना का वीडियो है

रिपोर्ट- ग्रिजेश प्रताप सिंह- अंबेडकर नगर 

Ambedkar Nagar Land Dispute:उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर (Ambedkar Nagar) जिला मुख्यालय स्थित आरिया बाजार (Ariya Bazar) में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन जमीन विवाद के बावजूद दबंगों ने एक मकान को जबरन ध्वस्त House Demolition कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि यह पूरी कार्रवाई पुलिस की मौजूदगी में की गई, जबकि किसी भी प्रकार का न्यायालयी आदेश मौजूद नहीं था।

House Demolition
ये उस वक्त का वीडियो है जब मकान पर बुलडोजर चलाया जा रहा था और वहां पुलिस मौजूद थी

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कोर्ट में लंबित है जमीन विवाद

जानकारी के मुताबिक, संबंधित जमीन का मामला पिछले कई वर्षों से अदालत में विचाराधीन है। विवादित भूमि खसरा संख्या 78 के अनुपालन के नाम पर कार्रवाई की बात कही गई, लेकिन आरोप है कि दबंगों ने खसरा संख्या 76 में बने मकान को गिरा दिया। इस गलती या जानबूझकर की गई कार्रवाई ने पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है।

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पुलिस की मौजूदगी पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष का कहना है कि जिस समय मकान को गिराया जा रहा था, उस समय पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन उसने किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं किया। लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस चाहती तो बिना कोर्ट आदेश के इस कार्रवाई को रोका जा सकता था।

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तहसीलदार बोले- पहुंचने से पहले ही मकान गिराया 

मामले को लेकर नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar) ने सफाई देते हुए कहा कि “हमारे मौके पर पहुंचने से पहले ही मकान को गिरा दिया गया था।” हालांकि, इस बयान के बाद भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर राजस्व कर्मी और प्रशासनिक अधिकारी समय रहते मौके पर क्यों नहीं पहुंचे।

House Demolition
पीड़ित ने बयान दिया है कि वहां पुलिस की मौजूदगी में ये सब हुआ है और पुलिस कुछ नहीं कर पाई

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 पीड़ित महेंद्र सिंह ने जताई नाराजगी

पीड़ित पक्ष के महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि दबंगों ने मनबढ़ तरीके से काम किया। उन्होंने कहा, “पुलिस की मौजूदगी में ही इन दबंगों ने हमारा मकान गिरा दिया। कोर्ट का कोई आदेश नहीं था, राजस्व कर्मी भी नहीं थे। यह खुला अन्याय है और हम इसके खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।”

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