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Prayagraj Training Aircraft Crash: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां भारतीय सेना का एक ट्रेनी विमान (Training Aircraft) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना 21 जनवरी 2026 की बताई जा रही है। हादसा उस वक्त हुआ जब विमान अचानक हवा में संतुलन खो बैठा और शहर के बीच स्थित केपी कॉलेज के पीछे एक तालाब में जा गिरा।
आसमान में डगमगाया विमान
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हादसा दोपहर के समय हुआ जब विमान संगम की दिशा से उड़ान भरते हुए आ रहा था। मौके पर मौजूद सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने विमान को हवा में असामान्य तरीके से लड़खड़ाते देखा। कुछ ही सेकंड में स्थिति गंभीर हो गई और विमान से दो पैराशूट खुलते दिखाई दिए। पायलट विमान के गिरने से पहले ही हवा में तैरते नजर आए, जबकि एयरक्राफ्ट सीधे तालाब के बीचों-बीच जा गिरा।
आग नहीं लगने से टली बड़ी अनहोनी
विमान के तालाब में गिरते ही जोरदार आवाज हुई, जिसे सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। गनीमत रही कि तालाब में पर्याप्त पानी होने के कारण एयरक्राफ्ट में आग नहीं लगी। यदि यह हादसा सूखी जमीन पर होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। तालाब के किनारे रेलवे पटरी के पास मौजूद लोगों ने देखा कि दोनों पायलट पानी में सुरक्षित हैं और हाथ हिलाकर मदद मांग रहे हैं।
पायलटों को कंधे पर बैठाकर निकाला बाहर
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए तालाब में छलांग लगा दी। कई साहसी युवकों ने तैरकर पायलटों तक पहुंच बनाई और उन्हें अपने कंधों पर बैठाकर सुरक्षित बाहर निकाला। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और इलाके में जाम जैसी स्थिति बन गई।
रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस (Police), फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। इसके साथ ही सेना का एक हेलीकॉप्टर भी घटनास्थल पर देखा गया। डीसीपी सिटी के अनुसार, दोनों पायलटों को प्राथमिक जांच के बाद एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जांच में जुटी टीमें
फिलहाल सेना और प्रशासन की टीमें तालाब से एयरक्राफ्ट को बाहर निकालने की प्रक्रिया में लगी हुई हैं। हादसे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। अभी तक यह भी साफ नहीं हो पाया है कि यह माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट सेना का था या किसी प्राइवेट एजेंसी (Private Agency) से जुड़ा हुआ था। सेवा की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
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