संघ प्रमुख भागवत से सीएम योगी की मुलाकात: यूपी में बढ़ी सियासी हलचल, बंद कमरे में 35 मिनट की चर्चा, 2027 चुनाव को लेकर अटकलें तेज

Mohan Bhagwat Yogi Adityanath meeting: उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में संघ प्रमुख मोहन भागवत से बंद कमरे में करीब 35 मिनट मुलाकात की।

Mohan Bhagwat Yogi Adityanath meeting

Mohan Bhagwat Yogi Adityanath meeting: उत्तर प्रदेश की सियासत में उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत से लखनऊ में मुलाकात की।

यह मुलाकात राजधानी के निराला नगर स्थित संघ कार्यालय परिसर में सरस्वती शिशु मंदिर में हुई, जहां दोनों नेताओं के बीच करीब 35 मिनट तक बंद कमरे में चर्चा हुई। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है, लेकिन प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल की चर्चाओं के बीच इस बैठक को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

संघ प्रमुख दो दिवसीय प्रवास पर लखनऊ पहुंचे थे और बुधवार को उनके दौरे का अंतिम दिन था। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रात करीब आठ बजे उनसे मिलने पहुंचे। मुलाकात पूरी तरह निजी और एकांत में हुई, जिससे राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन बदलाव की अटकलें

प्रदेश में लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक बदलाव की चर्चा चल रही है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री और संघ प्रमुख की बैठक को महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार और संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करने तथा आगामी रणनीतियों पर विचार के लिए यह मुलाकात अहम हो सकती है।

यह भी पढ़ें: यौन अपराध मामलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: पलटा इलहबाद हाई कोर्ट का फैसला, जजों के लिए नई गाइडलाइन बनेगी

2027 विधानसभा चुनाव पर नजर

सूत्रों के अनुसार हाल के महीनों में संघ प्रमुख का उत्तर प्रदेश पर विशेष ध्यान देखा जा रहा है। वे विभिन्न कार्यक्रमों के बहाने राज्य का दौरा कर रहे हैं। इससे संकेत मिलते हैं कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर संघ परिवार सक्रिय भूमिका निभा सकता है।

जब भी संघ प्रमुख यूपी आते हैं, मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात होती रही है, जिससे संगठन और सरकार के तालमेल को लेकर चर्चाएं तेज हो जाती हैं।

यह भी पढ़ें: बुरहानपुर के बोरी बुजुर्ग गांव में हादसा: कुआं खोदते समय धंसी मुंडेर, पिता के साथ गिरे दो मासूम, 5 साल की बच्ची की मौत

पहले भी होती रही हैं अहम मुलाकातें

इससे पहले अयोध्या में श्रीराम मंदिर शिखर पर धर्मध्वजा समारोह के दौरान नवंबर में दोनों की मुलाकात हुई थी, जिसमें लगभग 90 मिनट तक बातचीत चली थी। लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम आने के बाद भी गोरखपुर में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। लगातार हो रही इन बैठकों को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें: Aaj ka Rashifal 19 February 2026: मेष राशि वालों को मिलेगी खुशी, वृष राशि वालों को होगा धनलाभ, मिथुन-कर्क दैनिक राशिफल

शिष्टाचार मुलाकात या रणनीतिक संवाद?

हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया है, लेकिन बंद कमरे में हुई बातचीत और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे साधारण मुलाकात नहीं माना जा रहा। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आगामी चुनावी रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और शासन से जुड़े मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ हो सकता है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में संघ और सरकार के संबंध हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत की मुलाकात को आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि मंत्रिमंडल विस्तार या संगठनात्मक फेरबदल होता है, तो इस बैठक को उसकी पृष्ठभूमि के रूप में देखा जा सकता है।

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी: कहा पेनिट्रेशन सिद्ध न होने पर रेप नहीं, सिर्फ रेप की कोशिश, आरोपी की 7 साल की सजा को घटाया

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article