कानपुर देहात: जिला प्रशासन की कड़ी कार्रवाई,1851 घन मीटर बालू का अवैध खनन पकड़ा, 12 लाख का जुर्माना लगाया

(रिपोर्ट -उदय प्रकाश) खरतला खंड संख्या-4 में अवैध बालू खनन का मामला सामने आया है। टास्क फोर्स की संयुक्त जांच में 1851 घन मीटर अतिरिक्त खनन पाया गया, जिस पर जिला प्रशासन ने 12.21 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। शिकायतों के बाद डीएम ने कार्रवाई की।

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Kanpur Dehat Illegal Sand Mining: कानपुर देहात में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बालू खनन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। खरतला खंड संख्या-4 में तय सीमा से अधिक खनन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना लगाया है।

अवैध खनन की शिकायतों पर हरकत में आया प्रशासन 

Kanpur Dehat Sand mining

बीते कुछ समय से खरतला क्षेत्र की बालू खदानों में अवैध खनन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी (District Magistrate) ने मामले का संज्ञान लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर टास्क फोर्स (Task Force) की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसे मौके पर जाकर स्थिति की जांच करने को कहा गया।

संयुक्त जांच में सामने आया बड़ा खुलासा

संयुक्त टीम द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खरतला खंड संख्या-4 में निर्धारित सीमा से कहीं अधिक खनन किया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार कुल 1851 घन मीटर बालू का अवैध खनन पाया गया। यह मात्रा नियमों से काफी अधिक थी, जिससे यह साफ हो गया कि खदान में लंबे समय से नियमों की अनदेखी की जा रही थी। 

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12 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया 

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अवैध खनन की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने संबंधित खदान पर 12,21,890 रुपये का जुर्माना लगाया है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

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निगरानी में चूक, खनन अधिकारी की भूमिका पर सवाल

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बालू खदानों का समय-समय पर निरीक्षण नहीं किया गया। खनिज विभाग (Mining Department) के अधिकारी अर्जुन कुमार की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि लापरवाही के चलते खदान में अवैध खनन होता रहा और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।

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प्रशासन का सख्त संदेश

जिलाधिकारी के सख्त आदेश के बाद हुई इस कार्रवाई से यह संकेत साफ है कि जिला प्रशासन अब अवैध खनन को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतेगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आगे भी अन्य खदानों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।  khartala sand mine 

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