Uttar Pradesh Weather Update 6 August: उत्तर प्रदेश में मानसून ने बीते कुछ दिनों में कहर बरपाया है। झमाझम बारिश से एक ओर जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर जलभराव, नदियों का उफान, और मकानों के गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। 6 अगस्त 2025 से मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है और मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब प्रदेश में भारी बारिश की संभावना कम है, जबकि गर्मी और उमस एक बार फिर से लौट सकती है।
पश्चिमी यूपी में आज फिर बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, 6 अगस्त को पश्चिमी यूपी के कई जिलों—बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ ही स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं।
बारिश के ताजा आंकड़े:
हालिया बारिश ने कई जिलों में रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े दर्ज किए हैं:
बिजनौर: 245 मिमी
नजीबाबाद (बिजनौर): 223.4 मिमी
नगीना (बिजनौर): 175 मिमी
कांठ (मुरादाबाद): 170 मिमी
शाहजहांपुर: 150 मिमी
मुरादाबाद: 100.5 मिमी
लखीमपुर खीरी: 96 मिमी
जालौन: 86.5 मिमी
हमीरपुर (राठ): 85 मिमी
बरेली पीवीओ: 68 मिमी
अमरोहा: 71 मिमी
देवबंद (सहारनपुर): 70 मिमी
वर्तमान मौसमी परिदृश्य (Synoptic Situation)
मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय मॉनसून द्रोणी अमृतसर से लेकर अरुणाचल तक फैली हुई है। इसके साथ ही एक अन्य द्रोणी उत्तरी पश्चिमी यूपी से अरब सागर तक बनी है। इसके चलते 5 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान था, जो अब धीरे-धीरे कम होती जाएगी।
बरेली में बारिश का कहर जारी, 3 दिन और बारिश, अलर्ट जारी
बरेली जिले में मंगलवार सुबह 4 बजे से शुरू हुई बारिश दोपहर तक जारी रही। जिले में 68 मिमी बारिश दर्ज की गई और तापमान में गिरावट देखी गई—अधिकतम 27.3°C और न्यूनतम 24.1°C। मौसम विभाग ने 2 दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट और उसके बाद येलो अलर्ट जारी किया है। रविवार से अब तक जिले में 164.2 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
स्कूलों में छुट्टी का ऐलान
तेज बारिश के मद्देनजर बरेली डीएम के आदेश पर 6 अगस्त को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश UP Board, CBSE, ICSE और अन्य सभी बोर्डों के कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों पर लागू होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार ने आदेश जारी कर सभी स्कूलों को सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
दो जर्जर मकान ढहे
सुभाषनगर और जकाती मोहल्ला, बरेली में मंगलवार को दो जर्जर मकान बारिश के कारण धराशायी हो गए। सौभाग्यवश कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मलबा सड़कों पर फैलने के कारण यातायात बाधित हो गया है। जिलाधिकारी कार्यालय ने अधूरे ढह चुके मकानों को लेकर भी अलर्ट जारी किया है।
अब जानें कहां-कहां मकान ढहे
बरेली में दो जर्जर मकान जमींदोज
बरेली के सुभाषनगर और जकाती मोहल्ला में मंगलवार को बारिश के चलते दो पुराने मकान धराशायी हो गए। सौभाग्यवश, समय रहते लोगों को बाहर निकाल लिया गया जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मलबा सड़कों पर फैलने के कारण यातायात भी बाधित हुआ। प्रशासन ने आसपास के अन्य पुराने मकानों की जांच शुरू कर दी है।
लखीमपुर खीरी: प्राथमिक विद्यालय की छत गिरी
लखीमपुर खीरी में एक प्राथमिक विद्यालय की छत का एक हिस्सा भारी बारिश के कारण गिर गया। गनीमत यह रही कि घटना के समय स्कूल में बच्चे मौजूद नहीं थे। जिला प्रशासन ने तत्काल स्कूल को बंद कर मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
सीतापुर में स्कूल भवन में दरारें, पढ़ाई रोकी गई
सीतापुर जिले के मिश्रिख ब्लॉक के एक इंटर कॉलेज की इमारत में गहरी दरारें आने के बाद प्रशासन ने एहतियातन स्कूल को बंद कर दिया है। छात्रों को फिलहाल अस्थायी शेड में पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है।
DM ने दिए सर्वे के आदेश
बरेली, लखीमपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर और अन्य संवेदनशील जिलों में जिला अधिकारियों ने पुराने व जर्जर मकानों और स्कूल भवनों की तत्काल जांच और सर्वे के आदेश दिए हैं। जिन भवनों को असुरक्षित घोषित किया गया है, वहां लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई जा रही है।
मकान मालिकों को नोटिस
नगर निगम और ग्राम पंचायतों की ओर से जर्जर मकान मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि तय समय में मरम्मत या ध्वस्तीकरण नहीं किया गया तो प्रशासन स्वयं कार्रवाई करेगा।
आगे क्या?
मौसम विभाग का कहना है कि 10 अगस्त तक प्रदेश में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। इसका मतलब यह है कि अगले कुछ दिनों में गर्मी और उमस का असर फिर से बढ़ेगा। लोगों को अब छाते के साथ-साथ पसीने से भी मुकाबला करना होगा।
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